रीवा। संगम की पावन नगरी प्रयागराज में कल मकर संक्रांति के अवसर पर दूसरे अमृत स्नान को लेकर श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ने की आशंका है. हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज के साथ-साथ मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा से सटे रीवा जिले का प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर है. नेशनल हाईवे, प्रमुख सड़कों और सीमावर्ती क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और यातायात व्यवस्था पर सख्त नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से समय रहते निपटा जा सके।
महाकुंभ में इन मार्गों पर लगा था लंबा जाम
गौरतलब है कि वर्ष 2025 के महाकुंभ के दौरान इन्हीं मार्गों पर भीषण जाम की स्थिति बनी थी, जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था. इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन पहले से ही सतर्क नजर आ रहा है. संगम नगरी प्रयागराज में मकर संक्रांति पर आयोजित होने वाले दूसरे अमृत स्नान को लेकर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यापक तैयारियां की गई हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर रखी जा रही विशेष निगरानी
वहीं प्रयागराज के साथ-साथ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे रीवा जिले का प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट है. बीते दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु मध्य प्रदेश के रास्ते प्रयागराज पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. ऐसे में रीवा जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गई है और यातायात को सुचारू बनाए रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद है।
नेशनल हाईवे 30 से प्रयागराज पहुंचते हैं श्रद्धालू
नेशनल हाईवे 30, रीवा-प्रयागराज रोड के जरिए ही दक्षिण भारत के नागालैंड, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचते हैं. प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो. इसी को ध्यान में रखते हुए एमपी–यूपी सीमा पर त्योंथर क्षेत्र के चाकघाट में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए रैन बसेरे की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही हादसों की घाटी के रूप में पहचाने जाने वाले सोहागी पहाड़ क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रयागराज में अमृत स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े।

