Tuesday, January 13, 2026

मिलिए अलोका द पीस डॉग से, एक भारतीय स्ट्रीट डॉग जो अमेरिका में जीत रहा है लाखों का दिल

एक तरफ जहां देश में आवारा कुत्तों से लोगों खासकर बच्चों और बुजुर्गों को बचाने को लेकर जंग छिड़ी हुई है वहीं दूसरी तरफ भारत का एक आवारा कुत्ता अमेरिका में बौद्ध भिक्षुओं के एक ग्रुप के साथ लंबी यात्रा करके दुनिया भर में मशहूर हो गया है. अलोका द पीस डॉग Aloka the Peace Dog एक रेस्क्यू किया हुआ कुत्ता है जो दुनिया में शांति को बढ़ावा देने के लिए टेक्सास के फोर्ट वर्थ से वाशिंगटन, डीसी तक भिक्षुओं के ग्रुप के साथ चल रहा है.

वॉक फॉर पीस क्या है?

वॉक फॉर पीस दुनिया में शांति को बढ़ावा देने के लिए 10 अमेरिकी राज्यों में बौद्ध भिक्षुओं का एक मार्च है. हुओंग दाओ विपश्यना भावना सेंटर द्वारा आयोजित, यह लगभग 3,700 किमी तक फैला है.
अपने फेसबुक पेज के अनुसार, इस वॉक का मकसद “पूरे अमेरिका और दुनिया भर में शांति, प्यार और दया की भावना को बढ़ावा देना” है.
यह वॉक 10 अक्टूबर को शुरू हुई और उम्मीद है कि इसे खत्म होने में 120 दिन लगेंगे, जब भिक्षु वाशिंगटन, DC पहुंचेंगे.

Aloka the Peace Dog कौन है?

अलोका द पीस डॉग एक पूर्व भारतीय आवारा कुत्ता है जो वॉक ऑफ पीस का अनऑफिशियल मैस्कॉट (शुभंकर) बन गया है. भूरे और सफेद रंग का यह कुत्ता, जिसके माथे पर दिल के आकार का निशान है, बौद्ध भिक्षुओं के साथ अमेरिका भर में अपनी यात्रा कर रहा है.
अलोका की कहानी काफी दिलचस्प है…सड़क से सन्यास का सफर उसने अपनी मर्जी से चुना. कभी वो भी भारत की सड़कों पर रहने वाला एक आवारा कुत्ता था. लेकिन एक दिन उसने भिक्षुओं का साथ अपना लिया वह चुपचाप उनके साथ चलने लगा – और उसने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा.
वॉक फॉर पीस के फेसबुक पेज के अनुसार, अलोका भारत में 100 से ज़्यादा दिनों तक भिक्षुओं के साथ चला. और अब वह अमेरिका में भी इसी तरह की यात्रा कर रहा है. अमेरिका में उसे नियमित रूप से पशु चिकित्सक से चेक-अप और अपने फैंस से ट्रीट मिलती हैं.

फेसबुक पर वॉक फॉर पीस के किए एक पोस्ट में उसके बारे में लिखा है, “बहुत से लोग अक्सर अलोका की नस्ल के बारे में पूछते हैं! हालाँकि हमें ठीक से नहीं पता, लेकिन हमारा अनुमान है कि वह लगभग 4 साल का है और शायद एक इंडियन परिया कुत्ता है.”
“उनकी यात्रा सच में बहुत खास है – वह कभी भारत में घूमने वाला एक आवारा कुत्ता था, जिसने पूजनीय भिक्षुओं का पीछा करना शुरू कर दिया. वह 100 से ज़्यादा दिनों तक पूरे भारत में उनके साथ चला, बिल्कुल उसी तरह जैसे आज हम शांति के लिए यह यात्रा कर रहे हैं!”
अलोका का अब अपना इंस्टाग्राम पेज है, जिसके 1.5 लाख फॉलोअर्स हैं. पेज पर एक पोस्ट में लिखा है, “हमारा प्यारा अलोका भारत में अपनी पहली शांति यात्रा के दिनों से ही भिक्षुओं के साथ चल रहा है. वह हमेशा साथ रहता है, इस रास्ते का सच्चा शिष्य है, और इस बात की जीती-जागती मिसाल है कि सभी जीव शांति की ओर बढ़ते हैं.”
अलोका और भिक्षु अभी मैककॉर्मिक, साउथ कैरोलिना में हैं. उनकी यात्रा, जो अब 73वें दिन में है, सोशल मीडिया पर डॉक्यूमेंट की जा रही है.

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