Bangladesh Hundu MEA : बांग्लादेश में चल रहे सियासी तनाव और अल्पसंख्यक हिंदुओं की खिलाफ हिंसा को लेकर भारत सरकार ने शुक्रवार को एक बयान जारी किया है. सरकार के बयान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि “बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा चिंता का विषय है. ‘हम दीपू दास की हत्या की निंदा करते हैं और हम आशा करते हैं कि अपराधियों को कटघरे में लाया जाएगा.”
𝐌𝐄𝐀 𝐖𝐞𝐞𝐤𝐥𝐲 𝐌𝐞𝐝𝐢𝐚 𝐁𝐫𝐢𝐞𝐟𝐢𝐧𝐠
India stands for strengthening our ties with the people of Bangladesh… We stand for free, fair, inclusive and participatory elections in Bangladesh…: Delhi: @MEAIndia spokesperson Randhir Jaiswal pic.twitter.com/6tj1Sy9Ysq
— All India Radio News (@airnewsalerts) December 26, 2025
Bangladesh Hundu MEA : हिंसा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जब से बांग्लादेश में अंतरिम सरकार ( केयरटेकर मो.युनूस ) आई है, तब से देश मे कम से कम अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2900 से अधिक ऐसी घटनाएं सामने आई है, जिसमें हत्या, आगजनी, जमीन हड़पने जैसी चीजें शामिल हैं. जायसवाल ने जोर देकर कहा कि ‘ऐसी वारदातों को केवल राजनीतिक हिंसा कह कर नजर अंदाज नहीं किया जा सकता.’
12 फरवरी को बंग्लादेश में आम चुनाव
आने वाले फरवरी माह में बंग्लादेश में आम चुनाव के लिए तारीख तय की गई है. इसे लेकर राजनीतिक हलचल तेज है. वर्तमान सरकार ने शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है, वहीं बेगम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान एक दिन पहले ही वापस बंग्लादेश लौटे हैं. 17 साल बाद बंग्लादेश वापसी के बाद उनकी पार्टी बीएनपी आने वाले चुनाव के लिए जोर-शोर से सक्रिय है. माना जा रहा है कि शेख हसीना की पार्टी की अनुपस्थिति में बीएनपी के नेता तारिक रहमान का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय है.
बांग्लादेश के आमचुनाव पर भारत का बयान
बीएनपी (बंग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) के नेता तारिक रहमान की स्वदेश वापसी और बंग्लादेश में होने वाले आम चुनाव पर भारत सरकार की तरफ से विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रणधीर जायसवाल ने कहा कि “ भारत चाहता है कि बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव हो. भारत बांग्लादेश के लोगों के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है. हम वहां शांति और स्थिरता की उम्मीद करते हैं. हर पक्ष के लोग वहां भाग लें और वहां लोगों की आवाज और बुलंद हो.”
हिंदू युवक की हत्या से बांग्लादेश में तनाव
बंग्लादेश में हलांकि पिछले दो साल से अशांति है लेकिन बीचे कुछ दिनों में अल्पसंख्यकों हिंदुओं पर होने वाले अत्याचार में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है. छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद वहां के कट्टरपंथियों ने अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले हिंदू युवक दीपू दास की जिस बेरहमी के साथ लिंचिंग करके उसे मौत के घाट उतार दिया गया और पेड़ से टांग कर जला दिया गया , उससे पूरे बंग्लादेश के अल्पसंख्यकों और भारत में तनाव है. इसके बाद राजबाड़ी में अमृत मंडल उर्फ सम्राट नाम के युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर डाली. अब इसे लेकर भारत में भी लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है और सरकार से मांग की जा रही है कि सरकार उचित कदम उठाये.
अब भारत सरकार ने बंग्लादेश में नये राजनितिक समीकरण के मद्देजर अपनी बात रखी है.उम्मीद की जा रही है कि बंग्लादेश में जारी हिंसा और तनाव में कमी आयेगी. इसकी वजह ये है कि बीएनपी के नेता तारिक रहमान ने आते ही पूरे देश को ये संदेश दिया है कि बंग्लादेश वहां रहने वाले सभी धर्मो के लोगों के लिए हैं. हिंदु हो या मुसलमान सभी देश में बराबर स्थान है. तारिक रहमन का ये संदेश मो. युनूस के लिए भी सख्त संदेश हैं क्योंकि मो. यूनूस के सत्ता संभलने के बाद बंग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ उतत्पीडन के मामले में अप्रत्याशित बढोतरी हुई है.

