Friday, February 20, 2026

समरसता पर फोकस, एक महीने हिंदू सम्मेलन करेगा संघ

भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर हिंदू समाज के जागरण एवं सद्भाव के लिए संघ हिंदू सम्मेलन करेगा।  इस दौरान देश के विभिन्न प्रांतों में सामाजिक समरसता के लिए कार्यक्रम होंगे। मप्र की बात करें तो राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष पर प्रदेशभर में हिंदू सम्मेलन करने जा रहा है। ये सम्मेलन 20 दिसंबर से शुरू हो जाएंगी, जो 20 जनवरी 2026 तक होंगे। इसको लेकर संघ ने मध्य भारत प्रांत में संगठनात्मक तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश की हर बस्ती और हर मंडल में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। हिंदू सम्मेलन के माध्यम से संघ हर वर्ग तक संघ और हिंदुत्व का संदेश पहुंचाएगा। संघ फोकस सामाजिक समरसता पर केंद्रित रहेगा।
सम्मेलन के जरिए स्वदेशी के विचार को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय उत्पादों के उपयोग, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन पर संदेश दिया जाएगा। नागरिक कर्तव्यों के अंतर्गत समाज को अपने दायित्वों, अनुशासन और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मध्यभारत प्रांत में इसे लेकर जिला, नगर और बस्ती स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। संघ की टोली और कार्यकारिणी के पदाधिकारी इन बैठकों में शामिल होकर सम्मेलन की रूपरेखा, ध्वज-कलश स्थापना, जनसंपर्क और संगठनात्मक विस्तार को लेकर रणनीति तय कर रहे हैं। सामाजिक समरसता के विषय पर सम्मेलनों में विशेष फोकस रहेगा। इसमें जाति-भेद को समाप्त कर समानता, सहभागिता और सम्मान को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। कुटुंब प्रबोधन के तहत परिवार की एकता, पारिवारिक संस्कारों और भारतीय पारंपरिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा। पर्यावरण से जुड़े विषयों में स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधारोपण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी जैसे मुद्दे शामिल होंगे।

सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने पर फोकस
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्थापना का लक्ष्य है कि इन सभी इकाइयों में सम्मेलन कर सामाजिक सहभागिता को मजबूत किया जाए। मध्यभारत प्रांत का संगठनात्मक विस्तार व्यापक है। इस प्रांत में कुल 8 विभाग, 31 जिले, 137 खंड और 1814 मंडल हैं। इसके अंतर्गत 16 हजार 568 ग्राम, 37 महानगरीय नगर, 45 अन्य नगर और 775 बस्तियां आती हैं। सम्मेलनों से पहले हर बस्ती मंडल स्तर पर ध्वज और कलश स्थापना की जा रही है। हिंदू सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी सोच और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरुकता बढ़ाना है। इन आयोजनों में पंच परिवर्तन पर विशेष रूप से बात होगी। पंच परिवर्तन के अंतर्गत समाज में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य में व्यवहारिक और सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया जाएगा।

समाज के सभी वर्गों तक पहुंच
संघ का स्पष्ट उद्देश्य है- समाज के सभी वर्गों तक पहुंच बनाना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण के कार्य में जोडऩा और समाज को स्वाभाविक रूप से संगठित करना है। इसके लिए व्यापक आउटरीच की योजना बनाई गई है। संघ का मानना है कि देश की प्रगति में समाज की व्यापक सहभागिता जरूरी है और संगठन इसी दिशा में कार्यरत है।

Latest news

Related news