Friday, February 20, 2026

जानलेवा प्रदूषण का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, बुधवार को तीन जजों की बेंच में होगी सुनवाई

Supreme Court AQI :  दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण चरम पर है और आखिरकार ये मामला अब  देश की सुप्रीम अदालत में पहुंचा है. देश की राजधानी दिल्ली और आस पास के क्षेत्रों और  राज्यों में  जानलेवा हो चुकी इस समस्या पर 17 दिसंबर को सुनवाई होगी. याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया गया कि सरकार के आदेशों के बावजूद स्कूलों में  स्पोर्ट्स समेत कई गतिविधियां चल रही हैं.

Supreme Court AQI:चीफ जस्टिस की अदालत में पहुंचा प्रदूषण का मामला

चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की अदलात में न्याय मित्र की भूमिका निभा रहीं वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि हलांकि सरकार के बनाये एहतियाती कदम पहले से मौजूद हैं, इसके बावजूद हालात बाद से बदतर होते जा रहे हैं. प्रदूषण की समस्या  लगातार बढ़ते जाने के पीछे का सबसे बड़ा कारण एहतियाती कदमों का खराब अनुपालन है.अपराजिता सिंह ने शीर्ष अदालत से कहा कि जब तक शीर्ष अदालत सख्ती का आदेश नहीं दे देती है,तबतक जिम्मेदार संस्थाओं की तरफ से उन प्रोटोकॉल्स की अनदेखी होती रहेगी.

कोर्टमित्र के द्वारा जी गई जानकारी के बाद मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत ने कहा कि इस मामले को तीन जजों के बेंच के सामने बुधवार को लाया जाये, तब इस पर बात होगी. इसी दौरान एक अन्य वकील ने भी ये मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया और बच्चों के स्वास्थ का जिक्र किया.उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि पुराने आदेशों के बावजूद बच्चो के स्वास्थ की अनदेखी करते हुए स्कूलों में खेल गतिविधियां चल रही हैं.

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सुप्रीम कोर्ट ने की गरीबों की समस्या की बात

याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई का आदेश देते हुए चीफ जस्टिस ने प्रदूषण के कारण  गरीबों पर होने वाले असर पर चिंता जाहिर और उनकी मजबूरी का जिक्र किया . जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि आदेश वही दिए जा सकते हैं, जिनका पालन करना संभव हो.

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सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई हाइब्रिड मोड में करने की इजाजत  

इस बीच चीफजस्टिस सूर्यकांत ने दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई हाइब्रिड मोड में करने की इजाज़त दे दी है. सीजेआई ने बार-काउंसिल और कोर्ट में आने वाले मुवकिलों  को भी सलाह दी है कि अगर सुविधाजनक हो, तो सुप्रीम कोर्ट के सामने लिस्टेड मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए हाइब्रिड तरीके से पेश हों.

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