Census-2027 : शुक्रवार को दिल्ली में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली. बैठक की अध्यक्षता पीएम मोदी ने की. केद्रीय कैबिनेट में आज तीन बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. ये तीन प्रस्ताव हैं-
1.जनगणना – 2027 को लेकर फैसला
2.कोल सेतु योजना को मंजूरी,
3.नारियल किसानो के लिए एमएसपी तय
#WATCH | Delhi | On Union Cabinet decisions, Union Minister Ashwini Vaishnaw says,” The Cabinet has approved a budget of Rs 11,718 crores for Census 2027.” pic.twitter.com/wnpvvkzkej
— ANI (@ANI) December 12, 2025
Census-2027:भारत में पहली बार होगी ‘डिजिटल जनगणना’
2027 में होने वाली जनगणना के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने आज बजट पास कर दिया है.योजना के लिए सरकार ने 11718 करोड़ का बजट मंजूर किया है. राष्ट्रीय जनगणना के संबंध में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि “2027 में पहली बार भारत मे पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी. जनगणना का डिजिटल डिजाइन डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. यह दो चरणों में आयोजित की जाएगी. पहले चरण में 1 अप्रैल से सितंबर 2026 तक हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का काम होगा, वहीं दूसरे चरण में फरवरी 2027 से जनसंख्या गणना होगी.” अश्विनी वैष्णव ने बताया कि, “पहली बार डिजिटल सेंसस होगा, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए डाटा कलेक्ट किया जाएगा. यह एप्लीकेशन हिंदी, इंग्लिश और क्षेत्रीय भाषाओं में होगा.”
कोल उत्पादन और निलामी को लेकर फैसला
केंद्रीय कैबिनेट ने देश में कोयले की नीलामी के लिए ‘कोल सेतु’ नामक नई व्यवस्था को मंजूरी दी है. इस व्यवस्था के तहत कोयला के उत्पादन में भारत आत्मनिर्भर बनने जा रहा है. कोयले के उत्पादन में भारत की इंपोर्ट पर से निर्भरता खत्म हो रही है, जिसके बाद देश में 60 हजार करोड़ रुपयों की बचत हुई है. 2024-25 की रिपोर्ट मे बताया गया है कि इस साल 1 बिलियन टन कोयले का प्रोडक्शन हुआ है. डोमेस्टिक पावर प्लांट में रिकॉर्ड हाई कोल स्टॉक क्रिएट हो चुके हैं.
नारियल किसानों के लिए एनमएसपी को मंजूरी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किसानों के लेकर केंद्रीय कैबिनेट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि “केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2026 के लिए पिसाई वाले खोपरा के लिए 12,027 रुपये प्रति क्विंटल और गोल खोपरा के लिए 12,500 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दे दी है. एनएएफईडी और एनसीसीएफ इसके लिए नोडल एजेंसियां होंगी.”

