Tuesday, February 17, 2026

इंडिगो समेत विमान कंपनियों को सरकार का सख्त आदेश,’24 घंटे में करो पूरा रिफंड’,बनाया 4 मेंबर जांच कमिटी

Indigo Ticket Refund : इंडिगो संकट से जूझ रहे एयरलाइन यात्रियों के लिए आज सरकार ने राहत भरे प्रयास किये हैं.नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार यात्रियों को राहत देते हुए दूसरा बड़ा देश दिया है. सरकार ने इंडिगो एयरलाइन कंपनी को सख्त निर्देश दिया है कि यात्रियों के सभी लंबित रिफंड अगले 24 घंटे यानी 7 दिसंबर 2025 की रात 8 बजे तक अनिवार्य रूप से प्रोसेस करते उन्हें बांट दें. सरकार ने इंडिगो को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आदेश का पालन नहीं हुआ तो सरकार कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई कर सकती है.

Indigo Ticket Refund  : रिफंड की समयसीमा

उड्डयन मंत्रालय ने  इंडिगो से कहा गया है कि कंपनी 5 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच बुक किये गये और फिर रद्द कर दिये गये फ्लाइट टिकट का रिफंड मूल भुगतान मोड में तुरंत किया जाये. यात्रियों को उनका पैसा क्रेडिट कार्ड, UPI आदि  के जरिये ऑटोमैटिक ट्रांसफर किये जायें. हालांकि सरकार के आदेश से पहले ही  इंडिगो ने खुद भी शनिवार सुबह को ही  5-15 दिसंबर की रद्द उड़ानों पर रिफंड और फ्री री-शेड्यूलिंग की घोषणा की है.

नहीं कटेगा कोई कोई अतिरिक्त शुल्क

सरकार की तऱफ से ये साफ निर्देश दिया गया है कि रद्द या प्रभावित उड़ानों के री बुकिंग या रीशेड्यूलिंग पर लगने वाले चार्ज को माफ किया जायेगा.जिन उड़ानों में देरी हो रही है, उनके यात्रियों के लिए रिफ्रेशमेंट, होटल मे रुकने की सुविधा और अगर जरुरी हुआ तो परिवहन की भी व्यवस्था अनिवार्य रुप से करनी होगी.

 सामान की डिलीवरी

एयरपोर्ट पर एयरलाइन के कैंसिलेशन और रिशिडज्यलिंग के बीच हजारों यात्रियों के सामान या तो गुम हो गये हैं , या कंपनी उनके बारे मे जानकारी नहीं दे पा रही है. ऐसे में सरकार ने अपने आदेश में साफ किया है कि फ्लाइट रद्द या देरी के कारण यात्रियों से  अलग हुए लगेज को 48 घंटे के भीतर यात्री के घर या चुने पते पर पहुंचाना होगा.

 अन्य एयरलाइंस को भी मिला निर्देश

सरकार ने अपने आदेश में सभी एयरलाइंस को रिफंड प्रक्रिया तेज करने और किराया नियंत्रण (फेयर कैप) का पालन करने का आदेश दिया है.

 सरकार ने लागू किया एयरफेयर कैपिंग  

रिफंड के आदेश से पहले केंद्र सरकार ने एक और बड़ा आदेश दिया था, जिसमें मनमानी पर उतारु विमान कंपनियों पर नकेल कस दी गई. उड्डयन मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि कोई भी एयरलाइन उस रुट पर तय अधिकतम किराया से अधिक नहीं वसूल सकती है. मसलन अगर किसी जगह का आम तौर पर टिकट 5 हजार का है तो  एयर लाइन कंपनी उससे 5 हजार से अधिक किराया नहीं ले सकती.

जांच के लिए बनाई 4 सदस्यीय कमिटी

फेयर कैपिंग और रिफंड आदेश के बाद सरकार ने आज इंडिगो के द्वारा खड़े किये गये इस पूरे गड़बड़झाले की जांच के लिए 4 सदस्यीय जांच कमिटी बनाई है. उड्डयन मंत्रालय के द्वारा जारी किये गये बयान में कहा गया है कि इंडिगो जुलाई और नवंबर 2025 से लागू होने वाले बदले हुए फटीग नियमों के तहत क्रू की ज़रूरतों और रोस्टर की योजना बनाने में फेल रहा . बाकी के कारणों की जांच के लिए ये कमिटी बनाई गई है.

ये भी पढ़े :- एयरलाइन कंपनियों की मनमानी पर सरकार ने कसी नकेल,सभी रुट्स पर लागू किया फेयर…

केंद्र सरकार के आज के फैसले से देश भर ते एयरपोर्ट पर परेशानियों से जूझ रहे यात्रियों को राहत की सांस मिली है लहांकि यात्रियों का परेशानी अभी पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ है.

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