High airfare capping :पिछले चार दिन से जारी इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन संकट के बाद एयरपोर्ट्स पर यात्रियों का गुस्सा चरम पर है. आपदा को अवसर बनाकर अलग-अलग एयरलाइन कंपनियां लोगों की मजबूरी का जमकर फायदा उठा रही है और उनसे मनमाना किराया वसूल रही हैं. यहां तक आमतौर पर 5 से 8 हजार तक के किराये वाले घरेलू उड़ानों के लिए भी इन कंपनियों ने लोगों से 20 हजार से एक लाख और किसी किसी रुट पर तो डेढ़ लाख तक किराया वसूला, लेकिन देर से ही सही लेकिन अब केंद्र सरकार ने कंपनियो की मनमानी पर नकेल कसने की कवायद शुरु की है.सरकार की तरफ से सभी एयरलाइनों के सख्य निर्देश दिया गया है कि तय सीमा से ज्यादा किराया ना लिया जाये.
Ministry of Civil Aviation has taken serious note of concerns regarding unusually high airfares being charged by certain airlines during the ongoing disruption. In order to protect passengers from any form of opportunistic pricing, the Ministry has invoked its regulatory powers… pic.twitter.com/orXX8Qdqlf
— ANI (@ANI) December 6, 2025
High airfare capping : मनमाने किराये पर सरकार ने किया हस्तक्षेप
पिछले 5 दिनों से चल रहे इंडिगो एयरलाइन क्राइसेस के कारण विमान या तो बहुत देरी से चल रहे हैं या रद्द हो रहे हैं. ऐसे में जिन यात्रियो के लिए समय पर उनका गंतव्य तक पहुंचना जरुरी है, उन लोगों ने मजबूरी मे दूसरी एयरलाइ नका रुख किया लेकिन आपदा में अवसर ढूंढ़ते हुए एय़रलाइन कंपनियों ने परेशान- मजबूर यात्रियों से मनमाने किराये वसूलने शुरु कर दिये , जिसके कारण लोगों के बीच भारी आक्रोश है. ऐसे में अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए हस्तक्षेप किया है.
मंत्रालय ने एयरलाइन कंपनियों को जारी किया निर्देश
उड्डयन मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है, जिसमें सभी एयरलाइन कंपनियों से कहा गया है कि ‘किसी भी परिस्थिति में यात्रियों से मनमाने या अवसरवादी तरीके से किराया वसूलना स्वीकार नहीं किया जाएगा.’ मंत्रालय ने अपने नियामकीय अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सभी प्रभावित एयररूटों पर फेयर कैप यानी किराये पर पाबंदी लागू कर दिया है. सरकार के निर्देश में ये साफ-साफ कहा गया है कि किसी भी एयरलाइन को तय अधिकतम सीमा से ऊपर किराया लेने की अनुमति नहीं होगी.
उड्डयन मंत्रालय ने अपने निर्देश में ये साफ किया है कि किराये पर पाबंदी का सरकार का ये आदेश तब तक लागू रहेगा, जब तक कि स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाती है. आदेश का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा.
एयरलाइन कंपनियों ने बनाया आपदा को अवसर,वसूले मनमाने किराये
एयर इंडिया ने दिल्ली-चेन्नई, दिल्ली-बेंगलुरु, हैदराबाद-भोपाल, दिल्ली-अमृतसर फ्लाइट के लिए 36,000 से 1,30,000 तक किराया बढ़ा दिया,
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने दिल्ली-कोलकाता, दिल्ली-लखनऊ जैसे रुट्स पर 20,000 से 52,000 तक किराया वसूला.
स्पाइसजेट ने कोलकाता-मुंबई, दिल्ली-बेंगलुरु रुट्स पर क्राइसेस का फायदा उठाकर 40,000-90,000 तक किराया बढ़ा दिया.
अकासा एयरलाइन ने दिल्ली-कोलकाता, मुंबई-भुवनेश्वर रुट पर अपने फ्लाट्स में किराया 39,000 से लेकर 84,000 तक वसूला. जबक इन रुट्स पर आम तौर पर हवाई किराया 6 हजार से 9 हजार के बीच रहता है.

