Thursday, January 29, 2026

Alok Mehta: आरजेडी के तीसरे बयान बहादूर बने राजस्व मंत्री आलोक मेहत, सवर्णों को बताया अंग्रेज़ों का दलाल

बिहार में मौसम की तरह राजनीति करवट ले रही है. कभी ठंडी तो कभी गरम हवाओं की तरह सियासी बयान राजनीति का मिजाज बदल रहे है. पक्ष-विपक्ष के बीच तो आरोप प्रत्यारोप समझ में आता हैं लेकिन दो घटक दल के बीच सियासी बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को काफी गरम कर दिया है.

आरजेडी से विवादित बयानों का आना जारी

सरकार में शामिल जेडीयू और आरजेडी के बीच इन दिनों काफी बयानबाजी हो रही है. एक के बाद एक विवादित बयान दिये जा रहे है. पहले आरजेडी कोटे से बिहार के पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह, फिर आरजेडी कोटे से ही मंत्री चंद्रशेखर और अब आरजेडी कोटे से ही बिहार के मंत्री आलोक मेहता का बयान विवादों के घेरे में है.
एक तरफ पार्टी की ओर से नोटिस मिलने के बावजूद सुधाकर सिंह लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर हैं. वहीं रामचरितमानस पर दिए गए विवादित बयान पर मंत्री चंद्रशेखर अड़े हुए हैं. और अब इस कड़ी में नाम जुड़ गया है आलोक मेहता का जिनके बयान को सवर्णों के खिलाफ बताया जा रहा है.

अब आलोक मेहता का बयान विवादों में

RJD नेता और नीतीश सरकार में राजस्व मंत्री आलोक मेहता ने भागलपुर में एक जनसभा में सवर्णों को लेकर विवादित बयान दिया है, उन्होंने कहा, 10 % आरक्षण वाले अंग्रेजों के दलाल हुआ करते थे. इसलिए अंग्रेजों ने इन्हें काफी जमीन जायदाद दी. जिसके वजह ये लोग जमींदार हो गए. और इन्हीं लोगों के आसपास सत्ता व राजनीति की चाभी घुमती रही. लेकिन अब इसे बदलना है.

बीजेपी ने जताई नाराज़गी

आलोक मेहता के बयान पर सियासी बवाल मच गया. बीजेपी ने इस बयान पर घोर आपत्ति जताई है. बिहार के नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी, बिहार की सम्मान का कम से कम ख्याल रखीए. साथ ही विजय सिन्हा ने लालू यादव व तेजस्वी यादव पर हमला बोला है
आलोक मेहता का बयान से यू टर्न
हालांकि सियासी बवाल मचते ही मंत्री आलोक मेहता ने अपने बयानों से यू – टर्न ले लिया है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि सबको सात लेकर चलने की बात करने वाले, A to Z की बात करने वाले तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी के तमाम नेता एक के बाद एक करके विवादास्पद बयान दे रहे हैं. बावजूद कोई कार्रवाई नहीं रही है.

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