Delhi Blast :सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए घातक विस्फोट में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 13 हो गई है. अधिकारियों ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि लगभग चार से पाँच शवों की पहचान अभी बाकी है. इस बीच लाल किला बलास्ट और फरीदाबाद में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल में कनेक्शन का पता चला है.
अमित शाह जल्द ही एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक करेंगे
इस बीच मंगलवार सुबह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं. दिल्ली में लाल किले के पास हुए घातक विस्फोट के एक दिन बाद हो रही है.
Delhi Blast का संबंध कश्मीर स्थित डॉक्टर से, आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा, फरीदाबाद छापों से जुड़ा
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के दो अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार शाम को दिल्ली में लाल किले के पास मुख्य सड़क पर विस्फोट करने वाली कार का संबंध कश्मीर के एक डॉक्टर से है, जिसका संबंध फरीदाबाद में विस्फोटक सामग्री के बड़े जखीरे की जब्ती से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल से है.
हिदूस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डॉक्टर, जिसकी पहचान पुलवामा निवासी उमर उन नबी के रूप में हुई है, हाल ही में गिरफ्तार किए गए जम्मू-कश्मीर के दो अन्य डॉक्टरों के संपर्क में था और संभवतः वह सफेद हुंडई i20 कार चला रहा था, जब लाल बत्ती के पास गाड़ी धीमी होने के बाद उसमें विस्फोट हो गया. विस्फोट ने आस-पास के वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया और तेरह लोगों की मौत हो गई और 21 घायल हो गए.
सोमवार को हुए विस्फोट और फरीदाबाद मॉड्यूल के बीच संबंधों का पता i20 के स्वामित्व की जाँच के दौरान चला.
एक अधिकारी ने बताया, “उमर तक पहुँचने में हमें काफ़ी समय लगा. कार सलमान नाम के एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थी, जिसने बताया कि उसने इसे देवेंद्र नाम के एक व्यक्ति को बेच दिया था। देवेंद्र को पकड़ लिया गया और उसने बताया कि उसने इसे तारिक नाम के एक व्यक्ति को बेच दिया था. जब हम तारिक की तलाश कर रहे थे, तो हमें पता चला कि कार आखिरी बार उमर के पास थी. हम उसे ढूँढ़ रहे थे और फिर पता चला कि हमले के समय वह i20 के अंदर था. हमें यह भी पता चला कि वह उसी मॉड्यूल में काम करता है जिसमें उसके डॉक्टर दोस्त – मुज़म्मिल शकील और आदिल अहमद – काम करते हैं, जिन्हें 2800 किलोग्राम आरडीएक्स सामग्री के साथ पकड़ा गया था.”
विस्फोट से पहले मस्जिद की पार्किंग में 2 घंटे तक खड़ी रही हुंडई i20
दिल्ली के नेताजी सुभाष मार्ग पर ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए सफ़ेद हुंडई i20 में विस्फोट के बारे में जांचकर्ताओं का अब कहना है कि विस्फोट से पहले कार लगभग दो घंटे तक सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में खड़ी रही थी.
दिल्ली कार विस्फोट की यूएपीए कानून के तहत जाँच की जा रही है
सोमवार को लाल किले के पास हुए घातक विस्फोट की जाँच आतंकवाद विरोधी कानून के तहत की जा रही है. गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, भारत का प्रमुख आतंकवाद विरोधी कानून है और इसका उपयोग “आतंकवाद” से संबंधित कृत्यों और देश की संप्रभुता और अखंडता को खतरा पहुँचाने वाली गतिविधियों की जाँच और मुकदमा चलाने के लिए किया जाता है.
दिल्ली पुलिस ने विस्फोट के संबंध में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
दिल्ली पुलिस ने कहा, “कोतवाली पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 16, 18 और विस्फोटक अधिनियम तथा बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.”
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