Mokama Dularchand Yadav Murder : बिहार विधानसभा का चुनाव अब खूनी संघर्ष में बदलने लगा है. गुरुवार (30 अक्टूबर) को बाहुबली अनंत सिंह और सूरजभान सिंह के गढ़ मोकामा में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड ने पूरे इलाके को थर्रा दिया है. दुलारचंद यादव राजद प्रमुख लालू यादव के बेहद करीबी माने जाते थे और इस विधानसभा चुनाव में जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे थे. हत्या के बाद से ही पूरे टाल क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण है. दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में बाहुबली सूरजभान गुट ने बाहुबली अनंत सिंह को नामजद आरोपी बनाया है.हत्या के बाद से पूरे इलाके में माहौल गर्म है. हालात को तनाव से बचाने के लिए पुलिस कीट टीम लगातार गांवो में कैंप कर रही है.
Dularchand Yadav Murder : अनंत सिंह समेत 5 लोग नामजद आरोपी
गुरुवार को दुलारचंद की हत्या के बाद उनके पोतों के बयान पर अनंत सिंह और उनके दो भतीजों रणवीर और कर्मवीर सिंह के साथ 5 लोगों पर नामजद हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई. दुलारचंद के परिजनों के आरोप है कि अनंत सिंह गुट के लोगों ने पहले दुलारचंद को गोली मारी फिर उनके उपर गाड़ी चढ़ाकर हत्या कर दी. गौरतलब है कि नामजद एफआईआर होने के बावजूद अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
पुलिस ने बताया आपसी लड़ाई
हत्या की वारदात के बाद मौके पर पहुंचे पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक जब वो वहां पहुंचे तो पता चला कि गांव के ही दो पक्षों के बीच मारपीट हुई. उन्हें मौके पर 2 से 3 गाड़ियां खड़ी मिलीं. गाड़ियों के शीशे टूटे हुए थे. इन्हीं मे से एक गाड़ी में दुलारचंद यादव का शव मिला. पुलिस के मुताबिक दुलारचंद इस क्षेत्र में पहले से ही एक बाहुबली अपराधी के तौर पर जाने जाते थे. उनपर हत्या और आर्म्स एक्ट के कई मामले भी दर्ज थे.
घटना को लेकर अनंत सिंह की सफाई
हत्या के आरोपों से घिरे अनंत सिंह ने इस मामले में सफाई देते हुए इसमें अपनी संलिप्तता से साफ इंकार कर दिया है. उन्होंने बताया कि वो अपना चुनाव प्रचार करके आगे बढ़ रहे थे, तभी उनके काफिले की कुछ गाडियां पीछे रह गई और उन गाडियों को जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने घेर लिया. उनके काफिले की गाडियों पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया. इस हमले को अनंत सिंह ने बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया ,वहीं सूरजभान सिंह ने अनंत सिंह के आरोप पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है. अनंत सिंह ने कहा कि झगड़े की पहल दुलारचंद यादव ने की थी.
मोकामा में हत्या के पहले क्या क्या हुआ ?
लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाने वाले दुलारचंद यादव का पटना के पास बाढ़ और मोकामा के टाल इलाके में काफी दबदबा था.इस इलाके में दुलारचंद यादव के नाम का सिक्का माना जाता था. गुरुवार को चुनाव प्रचार लिए एक तरफ अनंत सिंह तो दूसरी तरफ जनसुराज का प्रचार अभियान चल रहा था. दोपहर करीब 3.30 बजे खुशहाल चक के पास जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी अपने समर्थकों के साथ प्रचार कर रहे थे. दुलारचंद यादव भी पीयूष प्रियदर्शी के साथ ही थे. बताया जा रहा है कि उसी रास्ते से अनंत सिंह भी अपने समर्थकों के साथ गुजर रहे थे.जब दोनों आस-पास आये तो दोनों पार्टियों को समर्थकों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई. मामला गर्माया तो ईंट-पत्थर चलने शुरु हो गये. इस बीच गोली चलने की आवाज आई और पता चला कि गोली दुलारचंद यादव को लगी है. दुलारचंद यादव की मौके पर ही मौत हो गई.

