Bihar NDA : बिहार विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ा है. अक्टूबर के पहले सप्ताह में चुनाव की तारीखों का ऐलान होना लगभग तय है. राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारियां पूरी कर चुकी है लेकिन जहां तक गठबंधन का सवाल है, एनडीए हो या महागठबंधन, किसी ने सीट शयेरिंग फार्मूला तय नहीं किया है.
Bihar NDA में बंटबारे के बिना ही उम्मीदवारों के नाम का ऐलान
एनडीए गठबंधन में शीट शेयरिंग के फार्मूले के ऐलान में देरी को देखते हुए अब सहयोगी पार्टी बिना इसका इंतजार किये ही अपने उम्मीदवारो के नामों की घोषणा करनी शुरु कर दी है. हाल ही में नीतीश कुमार ने बक्सर के एक आरक्षित सीट राजपुर के लिए संतोष निराला के नाम की घोषणा करके चौंका दिया था.माना गया कि नीतीश कुमार अपने सहयोगी भाजपा को कोई संदेश देना चाहते हैं. अब नीतीश कुमार के नक्शे कदम पर चलते हुए बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने अपनी पार्टी के एक उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है.
बीजेपी ने मोतिहारी से प्रमोद कुमार को बनाया उम्मीदवार
बिहार में बीजेपी के नेता और मंत्री मंगल पांडे ने मोतिहारी में एनडीए कार्यकर्ता सम्मलन के दौरान खुले मंच से प्रत्याशी के नाम का ऐलान किया और जनता से उन्हें जिताने की मांग की. मंगल पांडेय ने मोतिहारी के मौजूदा विधायक प्रमोद कुमार के नाम की घोषणा करते हुए उन्हें एक बार फिर से जिताने की अपील की. प्रमोद कुमार नीतीश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. मंगल पाडेय ने प्रमोद कुमार के नाम का ऐलान पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह की मौजूदगी में किया.
एनडीए के घटक दलों में किसे मिलेगी कितनी सीट ?
बिहार की वर्तमान एनडीए सरकार में 5 दल शामिल हैं. इनमें बीजेपी- जेडीयू के साथ साथ चिराग पासवान की एलजेपी (LJP), जीतनराम मांझी की हम (HAM) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) दल शामिल हैं.
विधानसभा चुनाव से पहले ही एनडीए की सहयोगी पार्टयों ने शीट शेयरिंग को लेकर अपनी अपनी अपनी मांगे रख दी है, जिससे बीजेपी और जेडीयू की उलझने बढ़ी हुई है. खास कर चिराग पासवान ने 40 सीटों की मांग रख कर बीजेपी का तनाव बढ़ा रखा है.
बिहार में विधानसभा की कुल 243 सीटें हैं, जिसमें ये पहले से लगभग तय है कि जेडीयू कम से कम 100 से 110 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. सत्ता में बड़ा दल होने के नाते बीजेपी भी कम से कम सौ सीटों पर चुनाव लड़ेगी. ऐसे में बीजेपी और जेडीयू को सीटें मिलने के बाद अनुमान है कि एनडीए के पास सहयोगी दलों को देने के लिए 20 से 30 सीटें ही बचेंगी. इसमे तीन पार्टियों को सीटें देनी हैं. चिराग पासवान लोकसभा चुनाव में अपनी 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेत के आधार पर 40 सीटों की मांग कर रहे हैं. ऐसे में नीतीश कुमार ने बिना फार्मूला तय किये ही अपने एक उम्मीदवार के नाम का ऐलान करके एनडीए की उलझनें बढ़ा दी थी. अब मंगल पाडेय ने भी अपने एक उम्मदीवार के नाम का ऐलान करके ये साफ कर दिया है कि भाजपा किसी के दवाब में नहीं रहेगी. अब देखना दिलचस्प होगा कि जब एनडीए की दोनों बड़ी पार्टियां अपने अपने मन की कर रही हैं तो ऐसे में एलजेपी और हम जैसी पार्टियां क्या प्रतिक्रिया देती है .

