CEC Gyanesh Kumar : बिहार में मतदाता गहन पुनरीक्षण का विरोध कर रहे पूरे विपक्ष को रविवार को चुनाव आयोग ने अपना जवाब दिया. मुख्य चुनाव आयुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ने वोट चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कहा कि हमारे लिए न कोई पक्ष है, न ही विपक्ष. हमारे लिए सभी समकक्ष हैं,वोट चोरी के आरोप में कोई दम नहीं है.
As far as the machine-readable voter list is concerned, the Supreme Court has already said in 2019 that this could be a violation of voter privacy.
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— All India Radio News (@airnewsalerts) August 17, 2025
CEC Gyanesh Kumar-आयोग के दरवाजे सबके लिए खुले हैं
मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि “अगर समय रहते मतदाता सूचियों की गड़बडियों को साझा न किया जाये, मतदाता को वोट से चुने गये उम्मीदवार के बारे में 45 दिन के भीतर हाईकोर्ट में याचिका दायर नहीं की जाए और फिर बाद में वोट चोरी जैसे गलत शब्दों का इस्तेमाल करके आम जनता को गुमराह करने का कोशिश की जाए, तो क्या ये भारत के संविधान का अपमान नहीं है?
Neither Election Commission nor any voter is afraid of such false allegations: CEC Gyanesh Kumar on “vote theft” claims
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— ANI Digital (@ani_digital) August 17, 2025
किसी के बारे में जानकारी देना निजता का उल्लंघन ?
चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिये बिना ही कहा कि वोटर्स के फोटो, नाम और पहचान को सार्वजनिक रूप से दिखाया जाना उनकी निजता का उल्लंघन है.
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग के दरवाजे सभी के लिए हमेशा खुले रहते हैं. मतदाता पहचानपत्र के काम के लिए जमीनी स्तर पर मतदाता, राजनीतिक दल और बूथ लेवल के अधिकारी मिलकर बिल्कुल पारदर्शी तरीके से काम कर रहे हैं, तथ्यों का सत्यपन कर रहे हैं औऱ हस्ताक्षर कर रहे हैं.इतना ही नहीं अपना वीडियो प्रशंसापत्र भी दे रहे हैं.
चुनाव प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं
चुनाव आयुक्त ने कहा कि ये गंभीर चिंता का विषय है कि जमीनी स्तर पर राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों और उनके द्वारा ही नामित बीएलओ के द्वारा सत्यापित दस्तावेज और प्रशंसापत्र उनके राष्ट्रीय नेताओं तक नहीं पहुंच रहे हैं, या फिर जमीनी हकीकत को दरकिनार करके भ्रम फैलाने को कोशिश की जा रही है.
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सच ये हैं कि हर स्तर पर सभी हितधारक बिहार के गहन मतदाता पुरीक्षण (SIR) को पूरी तरह सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और कड़ी मेहनत कर रहे हैं. बिहार के 7 करोड़ से अधिक वोटर चुनाव आयोग के साथ खड़े हैं, इसलिए आयोग की विश्वसनीयता पर और मतदाताओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़े करने के कोई औचित्य नहीं है.
किसी के घर की बहू-बेटी के फुटेज जारी करे आयोग?
सीईसी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिये बिना कहा कि “हमने कुछ दिन पहले देखा कि कई मतदाताओं की तस्वीरें बिना उनकी इजाजत के मीडिया के सामने पेश की गईं. उन पर आरोप लगाए गए, उनका इस्तेमाल किया गया. क्या चुनाव आयोग को किसी भी मतदाता, चाहे वह उनकी मां हो, बहू हो, बेटी हो, के सीसीटीवी वीडियो साझा करने चाहिए? जिनके नाम मतदाता सूची में हैं, वे ही अपने उम्मीदवार को चुनने के लिए वोट डालते हैं.”
चुनाव आयुक्त ने वोट चोरी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में पूरी प्रक्रिया के दौरान 1 करोड़ से ज़्यादा कर्मचारी, दस लाख से ज़्यादा बूथ लेवल एजेंट (BLO) , 20 लाख से ज़्यादा पोलिंग एजेंट ने काम किया. इतने सारे लोगों के सामने पारदर्शी प्रक्रिया के बीच क्या कोई मतदाता वोट चोरी कर सकता है?’
आरोप लागने वाले नेताओं ने नहीं दिया सबूत
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि कुछ नेताओं ने डबल वोटिंग यानी दो वोटर आईकार्ड का आरोप लगाया लेकिन जब सबूत मांगा गया तो जवाब नहीं दिया. ऐसे आरोपों से ना तो चुनाव आयोग और न ही कोई मतदाता डरता है. सीइसी ने कहा कि जब चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर मतदाताओं को निशाना बनाकर राजनीति की जा रही है, तो आज चुनाव आयोग भी सभी को ये साफ करना चाहता है कि आयोग बिना डरे, बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों के लिए चट्टान की तरह खड़ा था, खड़ा है और खड़ा रहेगा.
केवल भारत के नागरिक का बनेगा वोट
सीईसी ने जोर देकर कहा कि भारत के संविधान के मुताबिक देश की निर्वाचन प्रक्रिया मे केवल भारत के नागरिक ही हिस्सा ले सकते हैं. विधायकों, सांसद का चुनाव कर सकते हैं. किसी दूसरे देश के नागरिकों को ये अधिकार नहीं है. अगर कोई ऐसा करता है तो गणना फॉर्म में SIR प्रक्रिया में उनकी पात्रता साबित करने के लिए दस्तावेज मांगे गए हैं. अब 30 सितंबर तक इसकी जांच करेंगे. जांच के दौरान जो लोग विदेशी पायें जायेंगे, निश्चित तौर से उनका वोट नहीं बनेगा.
बंगाल में SIR कब से होगा ?
बिहार के बारे मे बात करने के दौरान सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि जहां तक पश्चिम बंगाल में SIR के लिए तारीखों का सवाल है, जल्द ही तीनों चुनाव आयुक्त मिकर सही समय पर फैसला लेंगे. पश्चिम बंगाल में हो या देश का कोई अन्य राज्य , जहां जरुरत होगी वहां SIR की तारीखों की घोषणा की जाएगी.

