Prajwal Revanna life imprisonment : कर्नाटक के हासन से जनता दल सेक्युलर के पूर्व सांसद प्रजव्वल रेवन्ना को बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. प्रजव्वल रेवन्ना को रे’प, धमकी, यौन शोषण और डिजिटल अपराध के मामले में शुक्रवार बैंगलुरु की एमपी एमएलए के लिए बनाई गई विशेष कोर्ट में 1 अगस्त को दोषी करार दिया था.
Prajwal Revanna life imprisonment:रेवन्ना को मिली उम्र कैैद की सजा
बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने रेवन्ना को दो मामलों मे दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है वहीं दूसरे मामलों में कुल मिलाकर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. अदालत के आदेश के मुताबिक रेवन्ना से प्राप्त की गई राशि पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी. रेवन्ना को दी गई सजा शनिवार 2 अगस्त से प्रभावी है.
पीडिता की साड़ी ने रेवन्ना को पहुंचाया जेल
प्रजव्ल रेवन्ना के खिलाफ एक 47-48 साल की घरेलू सहायिका ने बलात्कार का आरोप लगाया था. आरोप था कि सहायिका के साथ उनके निर्वाचन क्षेत्र हासन के होलेनरसीपुर में स्थित फार्महाउस और एच. डी. रेवन्ना के आवास पर बलात्कार की घटना को अंजाम दिया गया. इस मामले में गठित एसआईटी ने 2,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 183 दस्तावेज, फोरेंसिक साक्ष्य और 26 गवाहों के बयान शामिल किये गये.
चार्जशीट में वीडियो साक्ष्य भी थे, जिसमें पीड़िता का यौन उत्पीड़न का विरोध और रोना स्पष्ट था. इस मामले में अदालत में रेवन्ना के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर साड़ी पेश की गई. जिसे पीडिता ने संभाल कर रखा था. रेवन्ना पर आरोप था कि उसने घरेलू सहायिका के साथ दो बार बलात्कार किया.पीड़िता ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और सबूत के तौर पर वो साड़ी दिखाई, जो उसने उस समय पहन रखी थी. जांच में उस साड़ी पर स्पर्म के निशान पाए गए, जिसके बाद रेवन्ना के खिलाफ ये मामला मजबूत हो गया. प्रज्जवल रेवन्ना को सजा दिलाने में साड़ी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
सात महीनों में पूरा हो गया ट्रायल
ये मामला 2024 लोकसभा चुनाव के समय प्रकाश में आया. मामला सामने आने के बाद इसके जांच की जिम्मेदारी सीआईडी इंस्पेक्टर शोभा और उनकी टीम को मिली. तमाम जांच और सबूतों को इकट्ठा करने के बाद 31 दिसंबर 2024 से मामले की सुनवाई शुरु हुई. 23 गवाहो की गवाही दर्ज कराई गई. कोर्ट ने वीडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल को लेकर गई जांच रिपोर्ट देखी. सात महीने में ये पूरा ट्रायल खत्म हुआ .दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बेंगलुरु की विशेष अदालत के न्यायाधीश संतोष गजानन भट्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. 1 अगस्त को मामले का फैसला आया और आज 2 अगस्त को अदालत ने रेवन्ना का खिलाफ सजा का ऐलान कर दिया है.

