नई दिल्ली: संसद के मौजूदा मानसून सत्र के दौरान आज का दिन बेहद हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। विपक्षी दलों ने विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार को सदन में घेरने की पुख्ता रणनीति बनाई है। कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेताओं और अन्य विपक्षी सांसदों ने कई मामलों पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव के नोटिस दिए हैं, जिससे सदन की कार्यवाही में तीखी तकरार देखने को मिल सकती है।
राम मंदिर दान घोटाले पर चर्चा की मांग
कांग्रेस के संगठन महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में एक स्थगन प्रस्ताव का नोटिस सौंपते हुए मांग की है कि राम मंदिर दान से जुड़े कथित घोटाले पर तत्काल चर्चा कराई जाए। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में कराए जाने की जोरशोर से मांग उठाई है। उनका आरोप है कि मंदिर ट्रस्ट के भीतर एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसने श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की गई नकदी और कीमती गहनों को सुनियोजित तरीके से हड़पने का काम किया है।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर विपक्षी दलों का निशाना
इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पूरे प्रकरण को लेकर सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया है। उनका तर्क है कि मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की नियुक्ति से लेकर उद्घाटन और अन्य मुख्य अनुष्ठान प्रधानमंत्री के हाथों हुए हैं, इसलिए उन्हें स्वयं संसद में आकर इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। इसके अलावा, विपक्षी गठबंधन के सांसद बीते दिनों दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के मामले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से भी जवाब तलब करने की तैयारी में हैं।
विदेशी अंशदान नियमन और दल-बदल कानून पर तकरार
संसद में आज विदेशी अंशदान नियमन संशोधन विधेयक 2026 को लेकर भी तीखा राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है, जिस पर विपक्षी दलों के बीच रणनीति तैयार करने के लिए एक अहम बैठक बुलाई गई है। दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने देश में दल-बदल विरोधी कानून को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नया प्रस्ताव रखा है, ताकि केवल अवसरवादी कारणों से होने वाले दल-बदल पर प्रभावी रोक लगाई जा सके, साथ ही जनप्रतिनिधियों के वैचारिक मतभेद के अधिकार का भी संरक्षण हो सके।
कावेरी जल विवाद और नए विधेयकों की सूची
संसदीय कार्यसूची के अनुसार, आज सदन में केवल राजनीतिक मुद्दों पर ही नहीं बल्कि कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर भी बहस होगी। तमिलनाडु से डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने राज्यसभा में कावेरी नदी जल विवाद को उठाते हुए कर्नाटक सरकार पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इसके साथ ही, लोकसभा में केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने संबंधी विधेयक, ट्रिब्यूनल सुधार बिल और खान एवं खनिज संशोधन बिल सहित कई अन्य अहम सरकारी विधेयक भी पेश किए जाएंगे।

