कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज, चन्नी ने बनाई दूरी; दिल्ली में हाईकमान के सामने रखेंगे बात

चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों और फेरबदल को लेकर पैदा हुआ अंदरूनी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी हाईकमान की ओर से इस कलह को सुलझाने और नेताओं के बीच मतभेदों को दूर करने की जिम्मेदारी संभाल रहे पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल आज (मंगलवार) भी लगातार दूसरे दिन प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों का दौर जारी रखेंगे।

हाईकमान की दखल के बाद भी गतिरोध बरकरार

सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को हुई पहले दौर की बैठक में संगठन के विभिन्न धड़ों ने नियुक्तियों को लेकर अपनी-अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि संगठनात्मक सूचियों को अंतिम रूप देते समय जमीनी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठता की अनदेखी की गई है। इसी असंतोष को शांत करने के लिए प्रभारी भूपेश बघेल सभी पक्षों की दलीलें सुन रहे हैं, ताकि कोई बीच का रास्ता निकाला जा सके और आगामी चुनावों से पहले गुटबाजी पर लगाम लगाई जा सके।

आज की बैठक में सीनियर लीडरशिप पर रहेगा फोकस

आज होने वाली दूसरे दिन की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष पदाधिकारियों, कुछ असंतुष्ट विधायकों और पूर्व मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। भूपेश बघेल वन-टू-वन (एक-एक कर) भी कुछ प्रमुख नेताओं से बातचीत कर सकते हैं ताकि विवाद की असल वजह को समझकर उसकी रिपोर्ट सीधे कांग्रेस आलाकमान को सौंपी जा सके।

संगठन में बदलाव की सूचियों पर लगी है रोक

विवाद के गहराने के बाद फिलहाल नई नियुक्तियों और सूचियों को जारी करने पर अस्थाई रूप से रोक लगी हुई है। अंदरूनी खींचतान का असर पार्टी की रोजमर्रा की गतिविधियों और विपक्ष के खिलाफ अभियानों पर भी पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि दो दिनों के इस मैराथन मंथन के बाद क्या पंजाब कांग्रेस का यह संकट टल पाता है या आलाकमान को इस गतिरोध को तोड़ने के लिए कोई कड़ा फैसला लेना पड़ेगा।

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