छात्रों और सरकार के बीच पहली बैठक बेनतीजा? JPSC-JSSC को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान

JPSC Protest Meeting Update रांची : झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है. परीक्षा में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की मांग पर अड़े  प्रदर्शनकारी छात्रों और  हेमंत सोरेन सरकार के बीच गतिरोध फिलहाल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है. राज्य गेस्ट हाउस में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का पहला दौर पूरा हो गया है लेकिन बैठक के बाद छात्रों ने साफ कर दिया कि केवल आश्वासन मिलने से उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा.

छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा. छात्रों ने सरकार को अपनी मांगें पूरी करने के लिए 10 अगस्त तक की समयसीमा भी दी है.

JPSC Protest Meeting Update :चार मंत्रियों के पैनल ने की छात्रों से बातचीत

छात्रों की मांगों और JPSC-JSSC परीक्षाओं से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने चार मंत्रियों की समिति गठित की है. इस समिति में चमरा लिंडा, सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह और संजय प्रसाद यादव शामिल हैं.

इसी मंत्रियों के पैनल ने स्टेट गेस्ट हाउस में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की. सरकार के साथ वार्ता के लिए छात्रों की ओर से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बैठक में शामिल हुआ.

10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने रखी अपनी बात

सरकार के साथ बैठक में छात्रों की ओर से रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल हुए.

प्रतिनिधिमंडल ने JPSC और JSSC से संबंधित अपनी शिकायतों और मांगों को मंत्रियों के सामने रखा. छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट कार्रवाई की मांग की.

बातचीत के बाद भी आंदोलन खत्म नहीं

बैठक के बाद छात्र नेताओं ने बातचीत के माहौल को सकारात्मक बताया. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि सकारात्मक बातचीत का मतलब आंदोलन खत्म होना नहीं है.

छात्र नेताओं के मुताबिक, मंत्रियों ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना और उन्हें जायज तथा वास्तविक माना है, लेकिन छात्रों का कहना है कि उन्हें अब केवल मौखिक आश्वासन नहीं चाहिए. जब तक उनकी मांगों पर सरकारी स्तर पर ठोस और दिखाई देने वाली कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

छात्र नेताओं ने सरकार को 10 अगस्त तक का समय दिया है. उनका कहना है कि इस अवधि में यदि उनकी मांगों पर उचित फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा.

सरकार ने कहा- मुख्यमंत्री के सामने रखी गईं मांगें

सरकार की ओर से बातचीत में शामिल मंत्रियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों और चिंताओं को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष रखा गया है. सरकार की ओर से मामले का उचित समाधान निकालने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाने की बात कही गई है.

हालांकि, अभी तक छात्रों की सभी मांगों पर अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है. यही वजह है कि बातचीत के बावजूद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है.

10 अगस्त की समयसीमा के बाद क्या होगा?

छात्रों की ओर से तय की गई 10 अगस्त की समयसीमा अब इस पूरे विवाद में महत्वपूर्ण है. यदि सरकार इस अवधि में छात्रों की मांगों पर ठोस फैसला लेती है तो आंदोलन समाप्त होने की संभावना बन सकती है.

वहीं, अगर मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र संगठन आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार कर सकते हैं। फिलहाल छात्रों ने अपने तेवर बरकरार रखे हैं और स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा.

छात्रों की क्या है मांग ?

JPSC और JSSC की परीक्षाएं झारखंड में सरकारी नौकरियों के लिए महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाएं हैं. ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों की नाराजगी लगातार सामने आती रही है.

छात्रों का मुख्य जोर परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा उनकी शिकायतों का निष्पक्ष समाधान करने पर है. अब सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच अगले दौर की बातचीत और 10 अगस्त तक होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.

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