लातूर। कांग्रेस के लोकसभा सदस्य डॉ. शिवाजी कालगे ने अपनी आमदनी में गिरावट को लेकर दिए गए अपने पिछले बयान पर मचे सियासी घमासान के बीच एक औपचारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि उनके द्वारा दिए गए वक्तव्य को पूरी तरह से प्रसंग से अलग करके और तोड़-मरोड़कर जनता के सामने परोसा गया है। उन्होंने साफ किया कि सार्वजनिक जीवन में कदम रखने को लेकर उनके मन में रत्ती भर भी मलाल नहीं है और न ही उन्होंने सांसद के पद को किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत या आर्थिक नुकसान बताया है। लातूर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ. कालगे ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किए गए अपने संदेश में आरोप लगाया कि कुछ तत्वों द्वारा सोची-समझी रणनीति के तहत उनके शब्दों का अनर्थ निकाला गया, जिससे आम जनता के बीच यह भ्रामक संदेश गया कि वे राजनीति में आकर दुखी हैं, जबकि हकीकत इसके सर्वथा विपरीत है।
आयकर भुगतान में भारी गिरावट के आंकड़ों से शुरू हुआ था समूचा विवाद
विवाद की पृष्ठभूमि दरअसल कुछ दिनों पूर्व डॉ. शिवाजी कालगे द्वारा अपनी पेशेवर जिंदगी को लेकर दिए गए एक बयान से जुड़ी हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि संसद सदस्य निर्वाचित होने के उपरांत उनकी चिकित्सकीय सेवाएं (मेडिकल प्रैक्टिस) काफी हद तक प्रभावित हुई हैं। उन्होंने तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया था कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान उन्होंने बतौर चिकित्सक लगभग 36 लाख रुपये का इनकम टैक्स (आयकर) अदा किया था, जबकि वर्ष 2024-25 में उनकी व्यावसायिक आय अत्यधिक कम हो जाने के कारण यह टैक्स घटकर महज 8.75 लाख रुपये के आसपास रह गया। उन्होंने अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए कहा था कि जनसेवा के दायित्वों के कारण वे अब अपने निजी अस्पताल और वहां आने वाले मरीजों को पहले की भांति पर्याप्त समय प्रदान करने में असमर्थ हैं।
साक्षात्कार के जवाब को गलत ढंग से परोसने का आरोप, जनसेवा को बताया अमूल्य
अपने नए स्पष्टीकरण में डॉ. कालगे ने स्थिति को साफ करते हुए बताया कि एक हालिया मीडिया साक्षात्कार के दौरान पत्रकारों ने उनसे यह सीधा सवाल किया था कि सक्रिय राजनीति और जनसेवा में आने के बाद उनके मुख्य चिकित्सा व्यवसाय पर क्या व्यावहारिक प्रभाव पड़ा है। इसके उत्तर में उन्होंने केवल एक सहज सत्य साझा किया था कि सामाजिक व राजनैतिक व्यस्तताओं के चलते उनके डॉक्टर वाले पेशे पर असर पड़ा है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि विरोधियों ने इस निष्कपट स्वीकारोक्ति को इस प्रकार प्रचारित किया जैसे कि वे जनसेवा के इस पावन कार्य को केवल पैसों के घाटे-मुनाफे की तराजू पर तौल रहे हों। उन्होंने अत्यंत दृढ़ता से कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इस सबसे बड़े मंदिर (लोकसभा) में देश और क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करने का जो अभूतपूर्व गौरव उन्हें प्राप्त हुआ है, वह उनके लिए पूरी तरह अमूल्य है और इसकी तुलना संसार के किसी भी बड़े वित्तीय लाभ या व्यक्तिगत स्वार्थ से कभी नहीं की जा सकती।
बिना किसी राजनैतिक पृष्ठभूमि के मिला जनसमर्थन, निष्ठा से कार्य करने का संकल्प
कांग्रेस सांसद ने भावुक होते हुए कहा कि वे किसी रसूखदार राजनैतिक घराने या पृष्ठभूमि से ताल्लुक नहीं रखते हैं, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी योग्यता पर पूर्ण विश्वास जताते हुए उन्हें वर्ष 2024 के आम चुनाव में लातूर से अपना प्रत्याशी बनाया। इसके बाद क्षेत्र के जागरूक मतदाताओं ने भी उन पर अगाध स्नेह बरसाते हुए भारी मतों से विजयी बनाकर देश की संसद में भेजा। उन्होंने कहा कि दल और जनता द्वारा दिया गया यह अपार सम्मान ही उनके जीवन की सर्वश्रेष्ठ थाती है, जो उन्हें दिन-रात जनता के दुखों को दूर करने की ऊर्जा देती है। डॉ. शिवाजी कालगे ने अंत में दोहराया कि मतदाताओं, कार्यकर्ताओं और महाविकास अघाड़ी गठबंधन के नेताओं से उन्हें जो अमूल्य स्नेह मिल रहा है, उसकी कीमत रुपयों-पैसों में कतई नहीं मापी जा सकती और वे अपनी आखिरी सांस तक पूरी ईमानदारी, शुचिता तथा निष्ठा के साथ आमजन के कल्याण के लिए समर्पित रहेंगे।

