मोदी सरकार पर कांग्रेस का बड़ा आरोप, अमेरिकी नागरिक से जुड़े केस में ‘दबाव’ का सवाल

नई दिल्ली: म्यांमार के विद्रोही जातीय सशस्त्र समूहों को सैन्य प्रशिक्षण और हथियार मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार अमेरिकी व यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दाखिल चार्जशीट से गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराएं हटाए जाने पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर सवाल खड़े करते हुए विदेशी दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।

क्या अमेरिकी दबाव में हटाई गईं आतंकवाद की धाराएं?: जयराम रमेश का तीखा हमला

वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सवाल उठाया कि क्या एनआईए ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ निष्पक्ष जांच के आधार पर सख्त धाराएं हटाई हैं या फिर वाशिंगटन के कूटनीतिक दबाव में मोदी सरकार के कहने पर यह निर्णय लिया गया। उन्होंने पूछा कि भारत को इस प्रकार के समझौते के बदले क्या हासिल होने वाला है।

तिहाड़ जेल में मानवाधिकारों के हनन का आरोप, अमेरिकी सरकार से दखल की मांग

इस बीच, आरोपी मैथ्यू वैनडाइक के परिजनों ने सोशल मीडिया पर अपील जारी कर अमेरिकी सरकार से तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार का दावा है कि वैनडाइक को नई दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल के उच्च सुरक्षा वार्ड में अलग-थलग रखा जा रहा है और उन्हें कैदियों के बुनियादी अधिकार नहीं मिल रहे हैं। परिजनों का कहना है कि वे एक स्वतंत्र पत्रकार एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं और उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।

सात विदेशी नागरिकों के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल

एनआईए ने मार्च 2026 में दर्ज मामले के तहत मंगलवार को नई दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक तथा यूक्रेन के 6 नागरिकों—हर्बा पेट्रो, स्लीवियाक तारास, इवान सुकमनोव्स्की, स्टेफनकिव मारियन, होंचारुक मक्सिम और कामिन्स्की विक्टर के खिलाफ आरोपपत्र प्रस्तुत किया। हालांकि, शुरुआती एफआईआर में शामिल यूएपीए की सख्त धाराओं के बजाय वर्तमान चार्जशीट में केवल फॉरेनर्स एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं, जो समझौता योग्य श्रेणी में आती हैं।

कोलकाता हवाई अड्डे से हुई थी गिरफ्तारी, पूरक चार्जशीट की गुंजाइश बरकरार

खुद को सुरक्षा विशेषज्ञ बताने वाले मैथ्यू वैनडाइक को 13 मार्च की रात कोलकाता स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक विशेष अभियान के तहत पकड़ा गया था। आरोपियों पर म्यांमार के विद्रोही समूहों को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ हथियार और सामरिक उपकरण सप्लाई करने का आरोप है। एनआईए के विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और यदि भविष्य में साक्ष्य मिलते हैं, तो यूएपीए की धाराओं के तहत पूरक (सप्लीमेंट्री) चार्जशीट दाखिल की जाएगी। विशेष अदालत ने मामले पर अगली सुनवाई के लिए 1 अक्टूबर की तिथि तय की है।

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