दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से पराजित कर जीत दर्ज की है। इस नतीजे पर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दतिया उपचुनाव निसंदेह चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अगर आंकड़ों का निष्पक्ष विश्लेषण किया जाए तो अलग तस्वीर नजर आती है। उन्होंने दावा किया कि इस नतीजे को किसी भी सूरत में कांग्रेस के पक्ष में 'प्रचंड जनादेश' नहीं कहा जा सकता।
वोट शेयर और जीत का अंतर घटने का तर्क
अमित मालवीय ने 2023 के आम विधानसभा चुनाव और इस उपचुनाव के आंकड़ों की तुलना करते हुए कई बिंदु सामने रखे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस का वोट शेयर 2023 के 50.8 प्रतिशत से गिरकर इस बार 42.39 प्रतिशत पर आ गया है, यानी इसमें 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। इसके अलावा, 2023 में कांग्रेस की जीत का अंतर 4.5 प्रतिशत (7,155 वोट) था, जो इस बार घटकर 3.82 प्रतिशत (6,016 वोट) रह गया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार कुल मतदान में भी लगभग 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
त्रिकोणीय मुकाबले से बदले समीकरण
भाजपा नेता ने कहा कि मैदान में तीसरी राजनीतिक ताकत की मौजूदगी से चुनावी समीकरण जरूर प्रभावित हुए, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि जनता ने कांग्रेस को कोई बड़ा समर्थन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा जनमत का पूरा सम्मान करती है, इस परिणाम से सीख लेगी और आगे दोगुने उत्साह के साथ मैदान में वापसी करेगी।
आंकड़ों में दतिया का अंतिम परिणाम
दतिया उपचुनाव के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को कुल 66,757 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के खाते में 60,741 मत आए। वहीं, आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव 22,527 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जिन्होंने मुख्य मुकाबले को प्रभावित किया। परिणाम के बाद जहां कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे 2028 के चुनाव का आगाज़ बताया, वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हार स्वीकार करते हुए इसकी गहराई से समीक्षा करने की बात कही।

