पटना। बिहार विधान परिषद (MLC) की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट पर आए चुनावी नतीजों के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। इस सीट पर जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह की पराजय और जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार की जीत दर्ज होने के बाद अनंत सिंह ने चुनावी परिणाम को स्वीकार करते हुए जनता के जनादेश को ही सर्वोपरि करार दिया है।
जनादेश पर बोले विधायक अनंत सिंह
परिणामों के बाद प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विधायक अनंत सिंह ने कहा कि वोटों की गिनती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चुनावी मैदान में हार-जीत जनता के हाथ में होती है। उन्होंने कहा कि जिसे मतदाताओं का समर्थन मिला, उसकी जीत तय हुई और जिसे समर्थन नहीं मिल सका, उसे हार स्वीकार करनी पड़ी। नतीजों पर निरर्थक चर्चा को खारिज करते हुए उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि वोट कोई बाजार से खरीदकर या तौलकर लाने की चीज नहीं है, क्योंकि जनता ही असली मालिक है और जनभावना का सम्मान होना चाहिए।
पार्टी से निष्कासन और मतभेद पर रुख
उल्लेखनीय है कि मोकामा विधायक ने जेडीयू के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार का खुलकर विरोध किया था और जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया था। इसके चलते पार्टी नेतृत्व ने अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें और उनकी पत्नी को छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था। हालाँकि, दल से निकाले जाने के बावजूद उन्होंने पार्टी के प्रति किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत नाराजगी से इनकार किया है। वहीं, विजयी प्रत्याशी को बधाई देने के प्रश्न पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी तरफ से कोई पहल नहीं करेंगे।
विरोध के पीछे दुलारचंद हत्याकांड की वजह
नीरज कुमार के विरोध की वजहों का खुलासा करते हुए अनंत सिंह ने दुलारचंद हत्याकांड के कानूनी घटनाक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने के पीछे नीरज कुमार की पुत्री की भूमिका सामने आई थी, जो एक अधिवक्ता भी हैं। इसी आक्रोश और व्यक्तिगत असंतोष के चलते उन्होंने इस MLC चुनाव में रणनीतिक कारणों के बजाय राजनीतिक विरोध दर्ज कराने का फैसला लिया था।

