Saturday, June 27, 2026
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‘कितनी गड़बड़ है’, TET पेपर लीक मामले में ओवैसी ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

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मुंबई। महाराष्ट्र में 'पेपर लीक' की गंभीर आशंका को देखते हुए रविवार को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को तात्कालिक प्रभाव से टाल दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ठाणे जिले के भिवंडी क्षेत्र में पुलिस द्वारा की गई एक गुप्त छापेमारी के दौरान कुछ संदिग्धों के पास से कुछ ऐसे प्रश्न पत्र बरामद हुए, जिनके सवाल मूल प्रश्न पत्र से काफी हद तक मेल खा रहे थे। इस सुरक्षा चूक के सामने आने के बाद राज्य परीक्षा परिषद ने एहतियातन परीक्षा को स्थगित करने का कड़ा कदम उठाया है। इस फैसले के बाद राज्य का सियासी तापमान अचानक बढ़ गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस घटनाक्रम को लेकर सत्ताधारी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने इसे शासन की प्रशासनिक विफलता करार देते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण प्रदेश के हजारों होनहार युवाओं को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।

विपक्षी दलों के तीखे तेवर और ओवैसी का प्रशासनिक विफलता पर प्रहार

एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राज्य की कानून-व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार अन्य गैर-जरूरी मुद्दों पर कार्रवाई करने में तो अत्यधिक सक्रियता दिखाती है, परंतु युवाओं के भविष्य से जुड़ी टीईटी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के पेपर लीक को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस सामूहिक विफलता और हजारों परीक्षार्थियों की परेशानी के लिए आखिर किसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य अंबादास दानवे ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि महाराष्ट्र पहले भी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में हुई अनियमितताओं का मुख्य केंद्र रहा था, जिसके बावजूद मौजूदा प्रशासन ने कोई सबक नहीं सीखा और टीईटी जैसी अपेक्षाकृत छोटी परीक्षा को भी निष्पक्ष व सुरक्षित तरीके से कराने में असफल रहा।

भिवंडी पुलिस की त्वरित कार्रवाई और परीक्षा स्थगन का आधिकारिक निर्णय

विधिक विवरण के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून 2026 को निर्धारित की गई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 को पूरी तरह स्थगित कर दिया है। यह नीतिगत निर्णय तब लिया गया जब भिवंडी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में की गई छापेमारी के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों के पास मिले लीक सवाल हूबहू मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर गहन जांच आरंभ कर दी है। राज्य परीक्षा परिषद के आला अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरे महाराष्ट्र में इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए 1,028 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे और हालिया नीट परीक्षा के विवादों को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध भी किए गए थे, लेकिन शुचिता बनाए रखने के लिए परीक्षा को टालना ही एकमात्र विकल्प था।

पारदर्शिता की प्राथमिकता और आगामी विधिक प्रक्रिया का रोडमैप

प्रशासनिक विंग का कहना है कि राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा को बिना किसी त्रुटि, पूरी पारदर्शिता और पूर्ण निष्पक्षता के साथ आयोजित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या पेपर लीक की लेशमात्र आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था, इसलिए जनहित और छात्रहित में परीक्षा को फिलहाल निलंबित रखा गया है। पुलिस प्रशासन और खुफिया विंग इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचने के लिए कड़ियों को जोड़ रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रश्नपत्रों की गोपनीयता कहां से भंग हुई थी। परीक्षा परिषद ने परीक्षार्थियों को आश्वस्त किया है कि स्थिति की समीक्षा और सुरक्षा मानकों को अभेद्य बनाने के बाद नई समय सारणी (एग्जाम शेड्यूल) की घोषणा शीघ्र ही आधिकारिक पोर्टल पर कर दी जाएगी।