अमेरिकी नागरिक की रिहाई को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, सुरक्षा व्यवस्था पर मांगा जवाब

नई दिल्ली। अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक की रिहाई और म्यांमार में हथियारों के प्रशिक्षण के मामले को लेकर मुख्य विपक्षी दल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि आतंकवाद और गैरकानूनी गतिविधियों के आरोपों से घिरे किसी विदेशी नागरिक को इस तरह की विशेष रियायत क्यों दी जा रही है, जबकि देश के भीतर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

जयराम रमेश का केंद्र सरकार पर निशाना

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और संचार विभाग के प्रमुख ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ जहां सरकार वोट चोरी के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले युवा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले रही है, वहीं दूसरी तरफ आतंकवादी गतिविधियों की साजिश में शामिल अमेरिकी नागरिक को चार महीने तक देश से बाहर रहने की अनुमति दे दी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसी साल अमेरिकी उच्चाधिकारियों के भारत दौरों के दौरान इस संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा हुई थी और सितंबर की शुरुआत में ही आरोपी के खिलाफ लगे गंभीर यूएपीए कानून के प्रावधानों को हटा लिया गया था।

अदालत का फैसला और एनआईए की जांच

दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में सुनवाई करते हुए मैथ्यू वैनडाइक और छह अन्य यूक्रेनी नागरिकों को अगले साल फरवरी के अंत तक भारत से बाहर रहने की मोहलत बढ़ा दी है। यह पूरा मामला म्यांमार के भीतर उग्रवादी या जातीय सशस्त्र संगठनों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण देने से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है। अदालत की यह कार्यवाही बंद कमरे में संपन्न हुई थी, जहां जांच एजेंसी ने मामले के विभिन्न पहलुओं की गहराई से छानबीन के लिए और वक्त की मांग की थी।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक, ये सभी विदेशी नागरिक पर्यटक वीजा पर भारत आए थे और बिना किसी वैध परमिट के पूर्वोत्तर राज्यों का रुख करते हुए मिजोरम के रास्ते म्यांमार की सीमा में दाखिल हुए थे। शुरुआत में जांच एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ यूएपीए की कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में दाखिल किए गए आरोपपत्र में इन धाराओं को हटाकर विदेशी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई, जिनका निपटारा प्रशासनिक स्तर पर किया जा सकता है। हालांकि, जांच एजेंसियों का कहना है कि संदिग्ध गतिविधियों के अन्य पहलुओं की तफ्तीश अभी भी जारी है।

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