एकनाथ शिंदे के बढ़ते प्रभाव से बीजेपी में बेचैनी? रामदास कदम के बयान से गरमाई सियासत

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में कथित ऑडियो क्लिप और मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर सियासी तापमान काफी बढ़ गया है। मराठा आरक्षण के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटील द्वारा दशहरा मेले में 500 करोड़ रुपये से जुड़े आरोप लगाए जाने और बाद में एक ऑडियो क्लिप सार्वजनिक किए जाने के बाद सत्ताधारी महायुति के भीतर ही घमासान शुरू हो गया है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और मनोज जरांगे पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिसके बाद राज्य की राजनीति गर्मा गई है।

रामदास कदम के मनोज जरांगे और बीजेपी पर गंभीर आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रामदास कदम ने दावा किया कि मराठा समाज ने न्याय की उम्मीद में मनोज जरांगे को समर्थन दिया था, लेकिन वह अब लोगों को गुमराह कर रहे हैं। कदम ने आरोप लगाया कि जरांगे और बीजेपी मिलकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ किसी बड़ी साजिश को अंजाम दे रहे हैं। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए उन्होंने जरांगे और बीजेपी विधायक प्रसाद लाड की साथ में भोजन करते और गुलदस्ता लेते हुए तस्वीरें भी मीडिया के सामने दिखाईं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन दोनों के बीच इस तरह के करीबी रिश्ते कैसे हैं और इसके पीछे का राजनीतिक समीकरण क्या है।

32 मिनट की बैठक और वायरल ऑडियो क्लिप का जिक्र

रामदास कदम ने दावा किया कि एक गुप्त बैठक में करीब 32 मिनट तक चर्चा हुई थी, जिसका कथित ऑडियो अब सामने आया है। इस क्लिप में बीजेपी को मजबूत करने और मनोज जरांगे की भूमिका को लेकर रणनीति बनाने का दावा किया गया है। कदम ने जरांगे से सवाल किया कि आखिर यह ऑडियो क्लिप उनके पास कहां से पहुंची। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि एकनाथ शिंदे को कमजोर करने या नुकसान पहुंचाने की कोई भी कोशिश की गई, तो खुद मराठा समाज उनके खिलाफ खड़ा हो जाएगा। साथ ही, उन्होंने जरांगे पर अपने निजी हितों के लिए आंदोलन का गलत इस्तेमाल करने का भी आरोप मढ़ा है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच बीजेपी नेता प्रसाद लाड की प्रतिक्रिया भी सामने आई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी और तेज हो गई है।

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