गरबा में मुस्लिमों की एंट्री पर VHP की गाइडलाइन से सियासी घमासान, संजय राउत ने उठाए सवाल

मुंबई। महाराष्ट्र में आगामी नवरात्रि त्योहार के दौरान गरबा और दांडिया आयोजनों में गैर-हिंदुओं, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के प्रवेश को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के रुख पर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विहिप द्वारा आयोजकों को आधार कार्ड से पहचान जांचने और तिलक लगाने जैसे सुझावों पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कड़ा ऐतराज जताया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने संजय राउत के बयान पर तीखा पलटवार किया है।

मोहन भागवत से बयान जारी करने की मांग: संजय राउत

विहिप के निर्देशों पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। राउत ने भागवत के न्यूयॉर्क में दिए हालिया बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि "यदि कोई सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं रहने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं है।" राउत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि विहिप के लोग हिंदुओं के नए 'मौलवी' बन गए हैं, जबकि देश के सांस्कृतिक व स्वतंत्रता संग्राम में सभी समुदायों का योगदान रहा है।

आधार कार्ड जांच और माथे पर तिलक अनिवार्य करने का सुझाव

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने स्पष्ट किया कि नवरात्रि केवल नृत्य का उत्सव नहीं, बल्कि देवी पूजा का धार्मिक अनुष्ठान है। उन्होंने तर्क दिया कि जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते, उन्हें इसमें शामिल नहीं होना चाहिए। विहिप ने आयोजकों के लिए प्रवेश द्वार पर आधार कार्ड से पहचान की जांच करने और माथे पर तिलक लगाने जैसे कड़े नियमों का सुझाव दिया है। नायर ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग चाहें तो अपने निजी स्थानों पर ऐसे आयोजन कर सकते हैं।

बीजेपी का पलटवार: 'उद्धव गुट दोहरा रवैया अपना रहा है'

संजय राउत के आरोपों का जवाब देते हुए बीजेपी विधायक राम कदम ने कहा कि दोहरा मापदंड संघ परिवार का नहीं, बल्कि शिवसेना (UBT) का है। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय राउत रोजाना मीडिया के सामने आकर झूठ फैलाने का काम करते हैं। राम कदम ने कहा कि इसी तरह की दिशाहीन राजनीति के कारण जनता उद्धव ठाकरे के गुट से दूर हो रही है और आने वाले समय में उनके पास कोई जनाधार नहीं बचेगा।

Latest news

Related news