मुंबई। राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, जहां एक ओर चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान मचा है, वहीं दूसरी ओर अदालतों में भी बड़े मामले सामने आ रहे हैं।
उद्धव और राज ठाकरे के मार्च पर योगेश कदम का तंज
चुनाव आयोग और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे आगामी 4 अक्तूबर को मुंबई में एक संयुक्त मार्च निकालने की तैयारी में हैं। इस राजनीतिक योजना पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री योगेश कदम ने कड़ा तंज कसा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से केवल गैर-भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिससे इन नेताओं का पारंपरिक वोट बैंक प्रभावित हुआ है। मंत्री ने कहा कि इसी राजनीतिक हताशा के चलते वे इस तरह के प्रदर्शनों की योजना बना रहे हैं।
गोवा के मंत्री रमेश तावड़कर के कथित अवैध बंगले पर हाई कोर्ट का नोटिस
दूसरी ओर, न्यायपालिका के स्तर पर गोवा से एक बड़ा मामला सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को गोवा के कला और संस्कृति मंत्री रमेश तावड़कर को एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। कार्यकर्ता काशीनाथ शेट्ये की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) में कैनकोना स्थित उनके कथित अवैध बंगले को गिराए जाने की मांग की गई है, जिस पर अब हाई कोर्ट ने सुनवाई तय करते हुए अगली तारीख 28 अक्तूबर मुकर्रर की है।
क्या है पूरा मामला और कानूनी पेंच
याचिका के अनुसार, पोइन्ग्विनिम गांव में स्थित 527 वर्ग मीटर का यह बंगला कथित तौर पर वर्ष 2015 में बिना किसी वैधानिक अनुमति के बनाया गया था। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह ढांचा गोवा अनधिकृत निर्माण नियमितीकरण अधिनियम, 2016 के दायरे में वैध ठहराए जाने योग्य नहीं है। इसका मुख्य कारण यह है कि संबंधित कानून केवल 28 फरवरी, 2014 से पहले के ढांचों पर ही लागू होता है। इसके अलावा, इस अधिनियम के तहत व्यक्तिगत आवासीय ढांचे के निर्मित क्षेत्र की अधिकतम सीमा महज 200 वर्ग मीटर तय की गई है, जबकि यह विवादित बंगला 527 वर्ग मीटर के बड़े क्षेत्रफल में फैला हुआ है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से इस अनधिकृत निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त करने का सख्त आदेश देने की गुहार लगाई है।

