पटना। बिहार की सियासत में इन दिनों एक नया पोस्टर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच भारी कौतूहल का विषय बना हुआ है। राजधानी पटना स्थित जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) के प्रदेश कार्यालय के मुख्य द्वार पर चस्पा किए गए इस पोस्टर में सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक सफर की जमकर सराहना की गई है। इस होर्डिंग के जरिए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजने की पुरजोर वकालत की गई है। इसके साथ ही, इस पोस्टर के सामने आने के बाद राज्य के भावी नेतृत्व और राष्ट्रीय राजनीति में नीतीश कुमार की आगामी भूमिका को लेकर भी अटकलों का बाजार बेहद गर्म हो गया है।
नीतीश कुमार के कार्यों की सराहना और भारत रत्न की मांग
सत्तारूढ़ दल के दफ्तर के बाहर लगे इस विशेष पोस्टर में नीतीश कुमार के दो दशकों के शासनकाल और प्रशासनिक उपलब्धियों को रेखांकित किया गया है। होर्डिंग पर बड़े-बड़े अक्षरों में "20 साल बेमिसाल" और "मिशन विकसित बिहार 2040" जैसे नारे लिखे गए हैं। यह विवादित और चर्चित पोस्टर छात्र जेडीयू के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण पटेल द्वारा लगवाया गया है, जिसने विपक्षी दलों के साथ-साथ खुद पार्टी के भीतर भी एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
निशांत कुमार के रूप में नया उत्तराधिकारी और भविष्य का विजन
इस पोस्टर की सबसे खास बात यह है कि इसमें सूबे के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की तस्वीर को प्रमुखता से जगह दी गई है। स्लोगन में साफ तौर पर लिखा गया है कि नीतीश कुमार के अधूरे सपनों को अब निशांत कुमार ही मुकाम तक पहुंचाएंगे, और उन्हें बिहार की राजनीति के आगामी समय का सबसे बड़ा चेहरा और भविष्य का नेता बताया गया है। गौरतलब है कि निशांत कुमार ने हाल ही में विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण की है, जिसके बाद से ही संगठन और सरकार में उनका कद लगातार बढ़ता जा रहा है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव और नई भूमिका के कयास
पोस्टर के टाइमिंग को लेकर भी कई तरह के कूटनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। इन दिनों नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार को लेकर लगातार उच्च स्तरीय बैठकें चल रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पोस्टर के जरिए जेडीयू शीर्ष नेतृत्व को केंद्र सरकार में कोई बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है, जिससे राज्य की कमान पूरी तरह से नई पीढ़ी के हाथों में सुरक्षित सौंपी जा सके।





