बढ़ती महंगाई को लेकर कांग्रेस का आरोप, कहा- आम आदमी की कमर टूट रही है

नई दिल्ली। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने शनिवार को देश में लगातार बढ़ती जा रही बेकाबू महंगाई और आम जनता की घटती घरेलू बचत को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेतृत्व ने तंज कसते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पूरा ध्यान अन्य राजनीतिक दलों के विधायकों और नेताओं की खरीद-फरोख्त पर केंद्रित है। वहीं दूसरी ओर, देश का साधारण नागरिक अपनी रोजाना की बुनियादी आवश्यकताओं और रसोई का जरूरी सामान खरीदने में भी खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहा है।

मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से परिवार तबाह और युवा आक्रोशित

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की वर्तमान सरकार पर देश की अर्थव्यवस्था का कबाड़ा करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए कहा कि मौजूदा हुकूमत के बदतर आर्थिक कुप्रबंधन के भारी बोझ तले देश के लाखों मध्यमवर्गीय और गरीब परिवार आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं। खरगे के अनुसार, इस कमरतोड़ महंगाई ने लोगों की जीवन भर की जमापूंजी को खत्म कर दिया है, जिसके चलते आम नागरिकों की उम्मीदें और आकांक्षाएं दम तोड़ रही हैं, समाज में आर्थिक असमानता की खाई गहरी हो रही है और रोजगार के अभाव में देश के युवाओं के भीतर सरकार के प्रति भारी गुस्सा और गहरा आक्रोश पनप रहा है।

खुदरा महंगाई 16 महीने के रिकॉर्ड स्तर पर और थाली से सब्जियां गायब

आर्थिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने देश की वित्तीय स्थिति की एक बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि देश में खुदरा महंगाई दर पिछले 16 महीनों के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है, जबकि खाद्य मुद्रास्फीति 4.78 प्रतिशत के आंकड़े को छू रही है, जिसके कारण आम आदमी की थाली से टमाटर और अन्य जरूरी सब्जियां पूरी तरह गायब हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, देश में इलाज और दवाओं से जुड़ी चिकित्सा मुद्रास्फीति भी 15 फीसदी की खतरनाक दर से ऊपर जा चुकी है, जिसने मरीजों और उनके परिवारों की कमर तोड़ दी है।

रुपये की ऐतिहासिक गिरावट, बेरोजगारी का संकट और भाजपा की प्राथमिकताएं

केंद्र सरकार की चौतरफा विफलता को रेखांकित करते हुए मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय रुपया लगातार गर्त में गिरता जा रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर देश की साख प्रभावित हो रही है और विदेशी निवेशक भी भारतीय बाजार से अपना मुंह मोड़ रहे हैं। उन्होंने युवाओं की बेरोजगारी दर में हो रही अप्रत्याशित बढ़ोतरी को देश के लिए एक बड़ा संकट बताया। खरगे ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा को देश के विकास और युवाओं के रोजगार की कोई परवाह नहीं है; वे केवल अन्य पार्टियों से लोकतांत्रिक सामान (नेताओं) को खरीदने में व्यस्त हैं, जबकि देश का असली वोटर अपनी न्यूनतम जरूरतों को पूरा करने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।

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