14 शर्तों पर थमेगा US-ईरान तनाव, क्या खत्म होगा तेल संकट?

वाशिंगटन : वैश्विक तनाव के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस बड़ी कामयाबी का एलान किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील पूरी हो चुकी है, जिसकी पुष्टि ईरानी पक्ष ने भी कर दी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य से हटेगी अमेरिकी नाकेबंदी

इस समझौते के तहत एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यापार के लिए दोबारा खोलने की मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया भर के व्यापारिक जहाजों को बधाई देते हुए लिखा कि अब होर्मुज से अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटने जा रही है। उन्होंने वैश्विक जहाजों से अपने इंजन चालू करने और तेल की सप्लाई को सुचारू रूप से शुरू करने का आह्वान किया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत मिलेगी।

मध्यस्थ देशों के सहयोग से स्विट्जरलैंड में होंगे हस्ताक्षर

इस ऐतिहासिक शांति समझौते को अमलीजामा पहनाने में कतर, सऊदी अरब और तुर्किये ने बेहद महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सोशल मीडिया पर इस सफल कूटनीति की सराहना की। दोनों देशों के बीच आगामी 19 जून (शुक्रवार) को स्विट्जरलैंड में इस समझौते पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने स्पष्ट किया है कि समझौते की सभी शर्तें और बिंदु हस्ताक्षर होने के बाद ही कानूनी रूप से लागू माने जाएंगे।

इन कड़े नियमों और शर्तों पर बनी दोनों देशों में सहमति

इस समझौते की कुछ प्रमुख शर्तें सामने आई हैं, जो दोनों देशों को माननी होंगी:

  • आर्थिक प्रतिबंधों से मुक्ति: ईरान के तेल निर्यात पर लगी सभी पाबंदियां हटा दी जाएंगी और उसे अपने वैश्विक वित्तीय संसाधनों का इस्तेमाल करने की पूरी आजादी होगी।

  • फंड की बहाली: ईरान के फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर जारी किए जाएंगे, जिसमें से 12 अरब डॉलर बातचीत शुरू होने से पहले ही दे दिए जाएंगे। इसके अलावा, ईरान में बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर की राशि दी जाएगी।

  • सैन्य वापसी और युद्धविराम: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर जारी सैन्य संघर्ष को तुरंत और हमेशा के लिए रोकना होगा। साथ ही, अमेरिकी नौसेना 30 दिनों के भीतर अपनी नाकेबंदी हटा लेगी और अमेरिकी सेनाएं ईरान की सीमाओं के पास से पीछे हट जाएंगी।

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