6 अरब डॉलर और MoU विवाद पर कतर में आमने-सामने ईरान-अमेरिका

दोहा: कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच हुई हालिया अप्रत्यक्ष वार्ता संपन्न हो गई है। इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच पूर्व में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत रोडमैप पर चर्चा की गई। वार्ता के दौरान ईरान की विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बैंकों में फ्रीज (जमी हुई) करीब 3 अरब डॉलर की राशि को जारी करने के प्रस्ताव पर मुख्य रूप से सहमति बनाने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच समझौते के उल्लंघन की निगरानी करने के लिए एक विशेष हॉटलाइन स्थापित करने जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर भी गहन विमर्श हुआ।

एमओयू के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए बनेगी हॉटलाइन

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'इर्ना' (IRNA) के मुताबिक, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने वार्ता के इस दौर के आधिकारिक रूप से समाप्त होने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी है कि गुरुवार तक एक विशेष और प्रभावी संचार व्यवस्था (हॉटलाइन) स्थापित कर ली जाएगी। इस चैनल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि किसी भी पक्ष की ओर से MoU का कोई उल्लंघन होता है, तो उसकी वास्तविक समय (रियल-टाइम) में त्वरित सूचना दर्ज की जा सके और उसे एक-दूसरे के साथ साझा किया जा सके।

कतर और पाकिस्तान ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका

उप विदेश मंत्री गरीबाबादी ने स्पष्ट किया कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच कोई भी आमने-सामने या सीधी बातचीत (Direct Talk) नहीं हुई। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक कड़वाहट को देखते हुए सभी दौर की वार्ताएं कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए ही पूरी की गईं। दोनों मध्यस्थ देशों ने दोनों पक्षों के प्रस्तावों और शर्तों को एक-दूसरे तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, ताकि खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता लाने की दिशा में इस समझौते को अमलीजामा पहनाया जा सके।

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