भारतीय मूल के श्रेय पारिख ने रचा इतिहास: अमेरिका में जीती प्रतिष्ठित ‘स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी 2026’ की ट्रॉफी

वॉशिंगटन: भारतीय मूल के 14 वर्षीय छात्र श्रेय पारिख ने अमेरिका में आयोजित प्रतिष्ठित 'स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी 2026' का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। कैलिफोर्निया के रहने वाले श्रेय ने फाइनल के बेहद रोमांचक मुकाबले में न्यू जर्सी के ईशान गुप्ता को मात देकर यह सफलता हासिल की। प्रतियोगिता का फैसला 'स्पेल-ऑफ राउंड' (टाई-ब्रेकर) के जरिए हुआ, जिसमें दोनों ही प्रतिभागियों को 90 सेकंड का समय दिया गया था। इस दौरान श्रेय ने अद्भुत फुर्ती और ज्ञान का परिचय देते हुए 32 शब्दों की बिल्कुल सही स्पेलिंग बताई, जबकि ईशान 25 शब्दों की स्पेलिंग ही सही बता सके। इसी शानदार प्रदर्शन के आधार पर श्रेय पारिख को प्रतियोगिता का विजेता घोषित किया गया।

विजेता श्रेय पारिख पर हुई इनामों की बारिश

इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही श्रेय पारिख को भारी-भरकम पुरस्कार राशि और कई उपहार मिले हैं। उन्हें मुख्य इनाम के तौर पर 50,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 41.5 लाख भारतीय रुपये) की नकद राशि दी गई। इसके साथ ही उन्हें एक खूबसूरत स्मारक पदक, प्रतिष्ठित 'स्क्रिप्स कप' ट्रॉफी, मेरियम-वेबस्टर की ओर से 2,500 डॉलर का इनाम, डेल्टा एयरलाइंस की तरफ से 1,000 डॉलर का फ्लाइट क्रेडिट और एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका की ओर से 400 डॉलर की मूल्यवान संदर्भ पुस्तकें (रेफरेंस बुक्स) भी इनाम में मिली हैं। आपको बता दें कि श्रेय इससे पहले साल 2022 की प्रतियोगिता में 89वें और साल 2024 में तीसरे स्थान पर रहे थे।

दुनियाभर के 247 धुरंधरों के बीच हुआ मुकाबला

वॉशिंगटन के 'डीएआर कॉन्स्टिट्यूशन हॉल' में तीन दिनों तक चली इस कठिन प्रतियोगिता में दुनिया के कोने-कोने से आए बच्चों ने हिस्सा लिया था। इसमें अमेरिका के सभी 50 राज्यों के अलावा बहामास, कनाडा, घाना, नाइजीरिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत पांच अन्य देशों के कुल 247 मेधावी छात्रों ने अपना दम दिखाया। कई दौर की मुश्किल चुनौतियों को पार कर केवल 9 छात्र ही फाइनल राउंड में पहुंच पाए थे। इस कड़े मुकाबले में जॉर्जिया के 12 वर्षीय सर्व धारवाने तीसरे स्थान पर रहे, जिससे टॉप तीन में भारतीय मूल के बच्चों का ही दबदबा रहा।

क्या है स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी और कौन हो सकता है शामिल?

स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी दुनिया की सबसे बड़ी और पुरानी स्पेलिंग प्रतियोगिताओं में से एक है, जिसका आयोजन हर साल अमेरिका में किया जाता है। इस प्रतियोगिता की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल आठवीं कक्षा तक के छात्र ही हिस्सा ले सकते हैं और उनकी उम्र 15 वर्ष से कम होनी चाहिए। प्रतियोगिता का प्रारूप बेहद कठिन होता है। शुरुआत में छात्रों को दो प्रारंभिक राउंड पास करने होते हैं, जिनमें स्पेलिंग और मल्टीपल-चॉइस वोकैबुलरी (शब्दावली) टेस्ट शामिल होते हैं।

इसके बाद सफल छात्रों को एक लिखित परीक्षा देनी होती है, जिससे टॉप 100 छात्र क्वार्टरफाइनल में जगह बनाते हैं। क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल के दौरान बच्चों को मंच पर लगे माइक्रोफोन के सामने आकर सीधे कठिन शब्दों की स्पेलिंग बतानी होती है। इस दौरान एक भी गलत उत्तर देने पर छात्र प्रतियोगिता से तुरंत बाहर हो जाता है और अंत में जो बिना गलती किए टिका रहता है, वही विजेता बनता है।

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