India-US Trade Deal : भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत की चार कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए हैं. इस फैसले को दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
#US lifts four Indian companies from #Russia-related sanctions list. Restrictions imposed over alleged supply of tech and equipment to Russia’s military-industrial sector have been reversed.https://t.co/JLPaWdY1C2
— The New Indian Express (@NewIndianXpress) July 1, 2026
India-US Trade Deal : इन चार भारतीय कंपनियों से हटाया गया बैन
अमेरिकी वित्त विभाग ने जिन भारतीय कंपनियों को प्रतिबंध सूची से बाहर किया है, उनमें शामिल हैं—
हैदराबाद की आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
हैदराबाद की लोकेश मशीन्स लिमिटेड
अहमदाबाद की गैलेक्सी बेयरिंग्स लिमिटेड
दिल्ली की शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड
इन कंपनियों को अब अमेरिकी प्रतिबंध सूची (SDN List) से हटा दिया गया है।
क्या होती है SDN लिस्ट?
अमेरिकी वित्त विभाग ने इन कंपनियों को स्पेशली डेजिग्नेटेड नेशनल्स (SDN) लिस्ट से बाहर किया है. इस सूची में शामिल कंपनियों और व्यक्तियों की अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में मौजूद संपत्तियां फ्रीज कर दी जाती हैं. साथ ही अमेरिकी कंपनियों और नागरिकों के लिए उनके साथ व्यापार करना भी बेहद सीमित या प्रतिबंधित हो जाता है.
करीब दो साल बाद मिला राहत भरा फैसला
यह फैसला लगभग दो साल बाद आया है. वर्ष 2024 में अमेरिकी विदेश संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने कार्यकारी आदेश के तहत 21 भारतीय संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए थे. इनमें 19 कंपनियां और दो व्यक्ति शामिल थे.
रूस से जुड़े आरोपों के बाद लगा था प्रतिबंध
OFAC ने उन कंपनियों और व्यक्तियों को प्रतिबंधित किया था, जिन पर रूस सरकार की मदद करने या उससे जुड़े प्रतिबंधित कारोबारी नेटवर्क का समर्थन करने के आरोप लगाए गए थे. इसी कार्रवाई के तहत भारतीय कंपनियों को भी SDN सूची में शामिल किया गया था.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को मिल सकता है नया बल
विशेषज्ञों का मानना है कि चार भारतीय कंपनियों से प्रतिबंध हटाने का फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत अंतिम दौर में है. ऐसे में यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाने और रिश्तों को नई मजबूती देने का संकेत माना जा रहा है.
क्या होगा इसका असर?
प्रतिबंध हटने के बाद संबंधित भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में कारोबार करना पहले की तुलना में आसान हो सकता है. साथ ही यह फैसला भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों में सकारात्मक माहौल बनाने और भविष्य की ट्रेड डील को गति देने में भी मददगार साबित हो सकता है.





