गिरोंद। दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस के गिरोंद क्षेत्र में भड़की भीषण जंगल की आग ने व्यापक तबाही मचाई है, जिसके चलते हजारों लोगों को अपने आशियाने छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन करना पड़ा। इस विनाशकारी आपदा और जहरीले धुएं के बीच एक अत्यंत प्रेरणादायक मानवीय पहल सामने आई है। अपनी जान जोखिम में डालते हुए स्वयंसेवकों के एक समूह ने संकटग्रस्त इलाकों में अभियान चलाकर 100 से अधिक बेजुबान जीवों को सुरक्षित बाहर निकाला है। बेजुबान जानवरों की रक्षा के लिए इस पैमाने पर चलाया गया यह साहसिक अभियान हाल के वर्षों में एक मिसाल बन गया है।
पेरिस से चार गुना बड़े क्षेत्र में फैली तबाही और विस्थापन की मजबूरी
इस भीषण अग्निकांड का फैलाव पेरिस शहर के कुल क्षेत्रफल से लगभग चार गुना बड़े इलाके तक हो गया था। परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत हजारों निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया। हालांकि, इस अचानक हुए पलायन के कारण कई परिवार हड़बड़ी में अपने पालतू और पालतू मवेशियों को साथ ले जाने में असमर्थ रहे। अपने प्यारे पशुओं को पीछे छोड़ने के गम में कई लोग रोते हुए अपने घरों से निकले, क्योंकि अनिश्चितता के माहौल में उन्हें उनके जीवित मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी।
लपटों के बीच जान जोखिम में डालकर चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान
आपदा प्रबंधन और बचाव कार्य के तहत डेविड नाम के एक स्वयंसेवक अपनी विशेष गाड़ी में पानी, दवाएं और पशु आहार लेकर प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पहुंचे। स्थानीय पुलिस से विशेष अनुमति प्राप्त कर यह टीम उन खतरनाक इलाकों में भी दाखिल हुई, जहां आग की लपटें तेजी से बढ़ रही थीं। अत्यधिक खतरे और धुएं के बावजूद बचाव दल लगातार प्रभावित बस्तियों का दौरा कर फंसे हुए बेजुबानों को खोजकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाता रहा, जिससे कई मूक प्राणियों का जीवन बचाया जा सका।
बंद घर का हिस्सा तोड़कर बचाई गई चार जिंदगियां
रेस्क्यू के दौरान सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब एक जलते हुए इलाके के बंद मकान में एक दंपती के चार कुत्ते अंदर फंसे रह गए थे। डेविड और उनकी टीम ने अपनी जान पर खेलकर मकान के एक हिस्से को तोड़ा और आखिरी पलों में चारों कुत्तों को आग की लपटों से सुरक्षित निकाल लिया। जब ये बेजुबान अपने मालिकों से दोबारा मिले, तो वहां उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें भावुक हो गईं। क्षेत्र में राहत और बचाव का यह कार्य अभी भी निरंतर जारी है।

