Pushkar Singh Dhami Dussehra 2026 देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, देहरादून में बन्नू बिरादरी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने आयोजन के सफल संचालन के लिए बन्नू बिरादरी के पदाधिकारियों, सदस्यों और आयोजन समिति से जुड़े लोगों को बधाई भी दी.

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंग के माध्यम से सत्य, धर्म और मर्यादा का संदेश दिया.साथ ही उन्होंने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं, सरकारी नौकरियों, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने, नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का भी उल्लेख किया.
अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विजयादशमी का पर्व सत्य की शक्ति और धर्म की महत्ता का स्मरण कराता है. भगवान श्रीराम और रावण की कथा से सीख मिलती है कि अहंकार और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है.
उन्होंने कहा कि रावण के पास अपार संपत्ति, सामर्थ्य और विशाल सेना थी, लेकिन अहंकार और मर्यादा का उल्लंघन उसके पतन का कारण बना. इसके विपरीत भगवान श्रीराम ने त्याग, संयम, कर्तव्यपालन और मर्यादा के ऐसे आदर्श स्थापित किए, जो आज भी समाज का मार्गदर्शन करते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिता के वचन की रक्षा के लिए भगवान श्रीराम का राजसुख छोड़कर 14 वर्ष का वनवास स्वीकार करना उनके कर्तव्यबोध और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है.
दशहरा आत्ममंथन और आत्मशुद्धि का पर्व
सीएम धामी ने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले का दहन करने तक सीमित नहीं है.यह अपने भीतर मौजूद बुराइयों को पहचानने और उन्हें दूर करने का अवसर भी है. उन्होंने लोगों से अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों को त्यागने का संकल्प लेने की अपील की.
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की रक्षा करने के साथ प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराने का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यापक अभियान चलाकर 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है.
उन्होंने बताया कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के उद्देश्य से सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है. वहीं, धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को समानता और न्याय की भावना मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करना और प्रदेश में सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना है.
35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने का जिक्र
युवाओं और शिक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है. बच्चों में ज्ञान, नवाचार और तार्किक सोच विकसित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है.
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और नकल जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को उनकी योग्यता, मेहनत और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है. शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर प्रदेश के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, निवेश और रोजगार पर जोर
सीएम धामी ने कहा कि सुशासन की बुनियाद पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता है.राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सके.
उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों का विस्तार जरूरी है. स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) का आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों और समाज के सभी वर्ग प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनें.
रामराज्य की अवधारणा को बताया न्याय और सुशासन का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित रामराज्य की अवधारणा को न्याय, सुशासन, समानता और जनकल्याण पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ काम कर रही है।
उन्होंने जोर दिया कि विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी जरूरी है। उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराएं राज्य की पहचान और शक्ति हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विजयादशमी के अवसर पर सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ऐसा उत्तराखंड बनाया जा सकता है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें, महिलाएं सुरक्षित महसूस करें और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे.
दशहरा महोत्सव में कैबिनेट मंत्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी एवं सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे.

