निदा फ़ाज़ली की लिखी ग़ज़लों का अलबम ‘लफ्ज़ों के दरमियान’ रिलीज़, जैज़िम की दिलकश आवाज का चलेगा जादू

भारत देश में संगीत को एक अलग ही दर्जा मिला है. जिसके पास संगीत का हुनर है उसे हमेशा ही सर आंखों पर बैठाया जाता है. संगीत की दुनिया में हर श्रेणी में भारत में हुनर की भरमार है. इसी कड़ी में मशहूर शायर निदा फ़ाज़ली की शायरी, जैज़िम की गायकी में नई ग़ज़ल एल्बम लफ्ज़ों के दरमियान के रूप में पेश की गई है.

बता दें शहज़ादा- ए- ग़ज़ल जैज़िम शर्मा की नई ग़ज़ल एल्बम लफ्ज़ों के दरमियान रिलीज़ हुई है. इसमें चार बेहद खूबसुरत ग़ज़लें हैं. जिन्हे दाग देहलवी, निदा फ़ाज़ली और जेपी गंगवार जैसे नामचीन शायरों द्वारा लिखा गया है. जैज़िम शर्मा द्वारा इन ग़ज़लों को अपने हुनर से तराशते हुए बेहद खूबसूरत संगीत और स्वरों के साथ सजाया गया. इस कार्यक्रम में मशहूर शायर निदा फाजली की चुनिंदा गजलों की किताब ‘रोशनी के फूल’ का विमोचन भी किया गया.

इस खूबसूरत किताब और एलबम को लॉन्च किया गया है अनूप जलोटा, सुरेश वाडकर, तलत अज़ीज़,जसपिंदर नरूला,चंदन दास, घनशाम वासवानी और बाली ब्रह्मभट्ट, अतुल गंगवार, जे पी गंगवार और निदा फाजली की पत्नी मालती जोशी फाजली के हाथों. सभी संगीत सूरमाओं की चिंता और जद्दोजहद गज़ल के रुझान को लेकर थी. लेकिन सबको लगता है जैजिम जैसा युवा गज़ल गायक से गज़ल महफूज़ हाथों में है.

कार्यक्रम में जैजिम ने कहा मुझे नए शायरों की शायरी गाने में भी आनन्द आता है. इसीलिए लफ्जों के दरमियान एल्बम में नए शायर जेपी गंगवार की दो शानदार गज़ल है. जिस तरह से जैजिम की गाई गजलों ने खचाखच भरे हॉल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. उससे लगता है बदलते दौर के बावजूद इन गजलों की महक कहीं खोने वाली नहीं है.

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