Bhopal Central Jail : भोपाल सेंट्रल जेल में इस बार ईद पर मुस्लिम कैदियों को अपने परिवार वालों से खुली मुलाकात का मौका नहीं मिलेगा. जेल प्रशासन ने जेल में चल रहे निर्माण कार्य को इसका कारण बताया है. इस फैसले से कैदियों और उनके परिवार वाले नाराज हैं. हर साल राखी, ईद और दीपावली जैसे त्योहारों पर कैदियों को अपने परिवार वालों से खुले में मिलने का अवसर दिया जाता रहा है. कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है और जेल डीजी को पत्र लिखा है. वहीं, भाजपा नेता अजय सिंह यादव ने जेल प्रशासन के फैसले को सही ठहराया है. उनका कहना है कि जेल में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.
भाजपा नेता अजय सिंह यादव ने इस बारे में कहा कि भोपाल सेंट्रल जेल में कई गंभीर अपराधी बंद हैं. कैदियों की सुरक्षा के लिए और गंभीर कैदी स्थिति का फायदा उठाकर भाग न जाएं, इसके लिए जेल प्रबंधन ने यह नियम बनाया है. कांग्रेस पार्टी का रवैया गैरजिम्मेदाराना है और वह बेकार की राजनीति करते हैं. जब जेल में स्थिति सामान्य हो जाएगी तो पहले की तरह विशेष मुलाकात का प्रावधान होगा.
Bhopal Central Jail में 3500 से ज्यादा कैदी बंद
सेंट्रल जेल में अभी 3500 से ज्यादा कैदी हैं. जेल के अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि जेल में निर्माण कार्य चल रहा है. इसलिए इस बार ईद पर खुली मुलाकात नहीं हो पाएगी. हालांकि, सामान्य मुलाकात की व्यवस्था जारी रहेगी.
कांग्रेस विधायक की नाराजगी
इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने जेल डीजी को पत्र लिखा है. उन्होंने लिखा है कि पिछले 40-45 सालों से त्योहारों पर खुली मुलाकात की परंपरा रही है. इस दौरान कभी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. यह व्यवस्था न केवल मुस्लिम परिवारों, बल्कि दूसरे धर्मों के लोगों को भी अपने रिश्तेदारों से मिलने का मौका देती है.
जेल डीजी को लिखा मुस्लिम विधायक ने लेटर
इस फैसले के खिलाफ भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने जेल डीजी को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है. अपने पत्र में उन्होंने लिखा, “पिछले 40-45 वर्षों से त्योहारों पर खुली मुलाकात की परंपरा रही है और इस दौरान कभी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. यह व्यवस्था न केवल मुस्लिम परिवारों, बल्कि बहुसंख्यक समुदाय के परिजनों को भी अपने रिश्तेदारों से मिलने का अवसर देती है. जेल प्रबंधन के इस फैसले से बंदियों और उनके परिवारों में रोष है. मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि सहानुभूतिपूर्वक विचार कर ईद पर खुली मुलाकात की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.”
यह पहली बार है जब जेल प्रशासन ने निर्माण कार्य का हवाला देकर त्योहार पर खुली मुलाकात को प्रतिबंधित किया है. इस निर्णय ने शहर में चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है और लोग इस परंपरा को बनाए रखने की मांग कर रहे हैं. अब सबकी नजरें डीजीपी के जवाब और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं.