Tejashwi Yadav : बिहार में अगले साल यानी 2025 की शुरुआत में ही विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं. इसे लेकर राजनीतिक पार्टियों ने अभी से तैयारी शुरु कर दी है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 15 दिसंबर से पूरे राज्य में महिला संवाद यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं. आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस यात्रा को काफी अहम माना जा रहा है. यही कारण है कि यात्रा को लेकर राजनीति भी गर्माई हुई है. जनता दल यूनाइटेड का कहना है कि सीएम नीतीश कुमार इस यात्रा के जरिये राज्यभर की महिलाओं के साथ उनके सशक्तिकरण के लिए किये गये कार्यो के बारे में बात करेंगे. बिहार में 45 फीसदी से ज्यादा वोटर महिलाएं हैं.माना जाता है कि महिलाएं नीतीश कुमार की कोर वोट बैंक हैं.
Tejashwi Yadav ने यात्रा पर खर्च होने वाली रकम पर उठाये सवाल
नीतीश कुमार की इस यात्रा के दौरान खर्च करने के लिए बिहार कैबिनेट ने जिस रकम को मंजूरी दी है , उसे लेकर प्रदेश के नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने इसपर सवाल उठाये हैं. तेजस्वी यादव ने पूछा है कि केवल 15 दिन की यात्रा के लिए सरकार अरब 𝟐𝟓 करोड़ 𝟕𝟖 लाख रुपए खर्च करेगी. ये फिजूलखर्ची नहीं तो और क्या है ?
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा है –
“ 𝟐𝟐𝟓,𝟕𝟖,𝟎𝟎,𝟎𝟎𝟎/- 𝟐 अरब 𝟐𝟓 करोड़ 𝟕𝟖 लाख रुपए! जी हाँ! आपने सही सुना और ये कैबिनेट नोट भी सही पढ़ा. मात्र 𝟏𝟓 दिनों की यात्रा में अरबों रुपए बिहार के खजाने से मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार अपने प्रचार प्रसार की बाढ़ में बहाने जा रहे है. 𝟐𝟎 बरस तक बिहार को बेतहाशा बेरोजगारी, बड़े पैमाने पर पलायन, जानलेवा महंगाई, अपरम्पार अपराध तथा भीषण भ्रष्टाचार की आग में झोंक कर श्री नीतीश कुमार द्वारा पिछड़े व गरीब राज्य की गरीब जनता का 𝟐𝟐𝟓,𝟕𝟖,𝟎𝟎,𝟎𝟎𝟎 ₹ अपनी चुनावी पिकनिक पर फ़िज़ूलखर्ची करना क्या जायज़ है?
तेजस्वी यादव ने आगे लिखा है “जीविका दीदियों के दर्द, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ ध्वस्त हुए सैंकड़ों पुल-पुलिया, अनियंत्रित अपराध, बेलगाम महंगाई, रिकॉर्डतोड़ बेरोजगारी, प्रशासनिक अराजकता, थानों व ब्लॉक में अन्याय अत्याचार व रिश्वतखोरी की पराकाष्ठा, जहरीली शराब से हजारों लोगों की मौत, शराबबंदी की विफलता, स्मार्ट मीटर की भारी धोखाधड़ी,संस्थागत भ्रष्टाचार, अफ़सरशाही इत्यादि को कोई भी यात्रा अब इनके विनाश की मात्रा को नहीं छिपा सकती? छात्राओं व महिलाओं के लिए जमीन पर कुछ नहीं लेकिन प्रचार के लिए अरबों रुपयों को अधिकारियों के हाथों लुटाया जा रहा है. संवाद के “शून्य मुद्दों” पर नीतीश कुमार 𝟐𝟐𝟓,𝟕𝟖,𝟎𝟎,𝟎𝟎𝟎 करोड़ रुपए खर्च करने जा रहे है.”
दरअसल नीतीश सरकार की कैबनेट ने इस यात्रा के लिए रकम तो स्वीकृत किया है लेकिन ये रकम कहां और कैसे खर्च होगी, इसके बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है. विपक्ष का आरोप है कि यात्रा के नाम पर सरकार इतनी बड़ी राशि को केवल प्रचार तंत्र पर खर्च कर रही है, जो प्रदेश की जनता के साथ अन्याय है.