Yuzvendra Chahal retirement नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. चहल ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए लाल गेंद के क्रिकेट को अलविदा कहा है. हालांकि, उनका क्रिकेट करियर अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने साफ किया है कि वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे और भारत की वनडे तथा टी20 टीम में वापसी के लिए पूरी कोशिश करेंगे.
Yuzvendra Chahal retirement:49 फर्स्ट क्लास मैचों में 148 विकेट
युजवेंद्र चहल ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में कुल 49 मैच खेले और 148 विकेट हासिल किए. उनका लाल गेंद का सफर हरियाणा के लिए खेलने से शुरू हुआ था. बाद में उन्होंने इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट में भी अपनी गेंदबाजी का प्रभाव छोड़ा.
चहल ने अपना आखिरी फर्स्ट क्लास मुकाबला इंग्लिश काउंटी टीम नॉर्थम्पटनशायर की ओर से खेला. उनका आखिरी रेड-बॉल मैच लॉर्ड्स में मिडिलसेक्स के खिलाफ था, जिसमें उन्होंने दो विकेट हासिल किए थे.
‘लाल गेंद ने मुझे धैर्य और संघर्ष सिखाया’
संन्यास की घोषणा करते हुए चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से जुड़े अपने सफर को याद किया. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने करीब 10 साल की उम्र में पहली बार लाल गेंद पकड़ी थी, तब उन्हें अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर इस प्रारूप से उनका इतना गहरा रिश्ता बन जाएगा.
उनके मुताबिक, लाल गेंद की क्रिकेट ने उन्हें धैर्य, चरित्र और मुश्किल परिस्थितियों में संघर्ष करना सिखाया. लंबे स्पेल में विकेट के लिए लगातार प्रयास करना उनके क्रिकेट सफर का अहम हिस्सा रहा.
टेस्ट खेलने का सपना नहीं हो सका पूरा
चहल ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला. फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास के साथ अब उनके टेस्ट क्रिकेट खेलने की संभावनाएं भी समाप्त हो गई हैं. हालांकि, उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर दरवाजा बंद नहीं किया है.
चहल का संदेश साफ है कि वह अभी वनडे और टी20 क्रिकेट से संन्यास लेने के मूड में नहीं हैं. वह भारतीय टीम में दोबारा जगह बनाने के लिए अपनी कोशिश जारी रखना चाहते हैं.
टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद बरकरार
युजवेंद्र चहल पिछले कुछ समय से भारतीय टीम की सीमित ओवरों की योजनाओं का नियमित हिस्सा नहीं रहे हैं. उनका आखिरी वनडे मैच जनवरी 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ और आखिरी टी20 इंटरनेशनल मुकाबला अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ था. वह 2024 टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में शामिल थे, लेकिन टूर्नामेंट में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला.
इसके बावजूद चहल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है. फर्स्ट क्लास क्रिकेट से हटने के बाद उनका ध्यान अब पूरी तरह सफेद गेंद वाले क्रिकेट पर रहने की संभावना है.
आईपीएल और व्हाइट-बॉल क्रिकेट जारी रहेगा
फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास को चहल के संपूर्ण क्रिकेट करियर का अंत नहीं माना जाना चाहिए. वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में सक्रिय हैं और आईपीएल में भी उनका लंबा अनुभव रहा है.
चहल आईपीएल में कई बड़ी फ्रेंचाइजी के लिए खेल चुके हैं और टूर्नामेंट के सबसे सफल स्पिन गेंदबाजों में शामिल रहे हैं. 2023 में उन्होंने टी20 क्रिकेट में 300 विकेट पूरे करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बनने की उपलब्धि भी हासिल की थी.
चहल का संदेश- ‘अभी खत्म नहीं हुआ सफर’
फर्स्ट क्लास क्रिकेट को अलविदा कहते हुए चहल ने संकेत दिया है कि उनके भीतर अभी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की भूख मौजूद है. लाल गेंद से उनका अध्याय जरूर खत्म हो गया है, लेकिन सफेद गेंद के क्रिकेट में वह खुद को एक और मौका दिलाने की कोशिश करेंगे.
यानी चहल के करियर में यह पूर्ण संन्यास नहीं, बल्कि क्रिकेट के एक प्रारूप से विदाई है. अब नजर इस बात पर होगी कि आने वाले समय में वह वनडे और टी20 क्रिकेट में प्रदर्शन के जरिए भारतीय टीम में अपनी जगह दोबारा बना पाते हैं या नहीं.

