नई दिल्ली। दिल्ली कैपिटल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2027 के आगामी मिनी ऑक्शन के लिए अपनी प्रशासनिक और रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। टीम के नवनियुक्त मुख्य कोच सौरव गांगुली ने उन दो प्रमुख विदेशी खिलाड़ियों के नामों का संकेत दिया है, जिन्हें फ्रेंचाइजी आगामी नीलामी में हर हाल में अपने पाले में शामिल करना चाहती है। इनमें ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक और विस्फोटक बल्लेबाज जेक फ्रेजर मैकगर्क तथा वेस्टइंडीज के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज शाई होप शामिल हैं। मुख्य कोच के इस रुख से स्पष्ट होता है कि दिल्ली कैपिटल्स अपनी ऊपरी और मध्यक्रम की बल्लेबाजी को अधिक गहराई तथा आक्रामकता प्रदान करने के उद्देश्य से इन दोनों विदेशी धुरंधरों पर बड़ा दांव लगाने की योजना बना रही है।
ऑक्शन की तैयारियों और पसंदीदा खिलाड़ियों पर नजर
टीम प्रबंधन के रणनीतिक दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए सौरव गांगुली ने बताया कि फ्रेंचाइजी की मुख्य प्राथमिकता सूची में दो विदेशी खिलाड़ी शीर्ष पर हैं और उनकी कोशिश ऑस्ट्रेलिया के फ्रेजर मैकगर्क तथा वेस्टइंडीज के शाई होप को पुनः अपनी टीम का हिस्सा बनाने की होगी। उल्लेखनीय है कि आईपीएल 2027 का मिनी ऑक्शन आगामी 16 दिसंबर को गोवा में आयोजित होने जा रहा है, जबकि सभी दसों टीमों को अपने द्वारा रिटेन और रिलीज किए जाने वाले खिलाड़ियों की अंतिम सूची जमा करने के लिए 17 नवंबर तक की समयसीमा प्रदान की गई है।
मैकगर्क और शाई होप का दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ाव
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फ्रेजर मैकगर्क ने वर्ष 2024 में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से ही अपने आईपीएल करियर का शानदार आगाज किया था, जहां उन्हें एक स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया था। तत्पश्चात फ्रेंचाइजी ने नीलामी में राइट टू मैच (आरटीएम) कार्ड का बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग करते हुए 9 करोड़ रुपये की राशि में उन्हें रिटेन किया था। मैकगर्क ने अब तक खेले 15 मुकाबलों में लगभग 200 के आक्रामक स्ट्राइक रेट से 385 रन बनाए हैं। वहीं दूसरी ओर, वेस्टइंडीज के शाई होप को भी 2024 सत्र में टीम ने अपने साथ जोड़ा था, और अब गांगुली एक बार फिर उनकी तकनीकी क्षमता का लाभ उठाने के लिए उन्हें टीम में वापस लाने के इच्छुक हैं।
कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ी ट्रेड में व्यापक फेरबदल
आगामी सत्र से पूर्व दिल्ली कैपिटल्स के आंतरिक ढांचे में कई बड़े और दूरगामी बदलाव देखने को मिले हैं। मुख्य कोच के रूप में सौरव गांगुली की नियुक्ति के साथ-साथ पूर्व भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा को स्पिन गेंदबाजी कोच और युवराज सिंह को सहायक व बल्लेबाजी कोच का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, ट्रेड विंडो के दौरान भी टीम अत्यधिक सक्रिय रही है, जहां उन्होंने तेज गेंदबाज टी नटराजन के बदले सनराइजर्स हैदराबाद से लेग स्पिनर जीशान अंसारी को हासिल किया है। इससे पूर्व कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को लखनऊ सुपर जाएंट्स को सौंपकर स्टार खिलाड़ी ऋषभ पंत की टीम में सफल वापसी कराई गई थी।
खिताबी सूखा समाप्त करने का नया संकल्प
आईपीएल के इतिहास में दिल्ली कैपिटल्स अब तक अपने पहले खिताब की तलाश में जुटी हुई है। टीम ने वर्ष 2020 में केवल एक बार फाइनल तक का सफर तय किया था, जबकि पिछले कुछ सत्रों में टीम का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं रहा और वे प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई थी। ऐसे में मुख्य कोच गांगुली और नए कोचिंग स्टाफ के समक्ष आगामी नीलामी में एक संतुलित व मजबूत टीम का गठन करने और फ्रेंचाइजी के वर्षों पुराने खिताबी सूखे को समाप्त कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाने की एक बड़ी और कठिन चुनौती होगी।

