टेस्ट क्रिकेट में मोहम्मद शमी का दबदबा, जानिए उनके 5 बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार और अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट के प्रारूप को अलविदा कहते हुए अपने 13 वर्षों के लंबे और स्वर्णिम सफर पर औपचारिक रूप से विराम लगा दिया है। सफेद जर्सी पहनकर देश के लिए मैदान पर उतरना उनके जीवन का सबसे मूल्यवान और गौरवशाली हिस्सा रहा है। अपने विदाई संदेश में शमी ने स्पष्ट किया कि यद्यपि वे लाल गेंद के इस प्रारूप से अब विदा ले रहे हैं, किंतु इससे जुड़ी सुनहरी यादें उनके दिल के हमेशा करीब रहेंगी। 36 वर्षीय इस दिग्गज तेज गेंदबाज ने अपने शानदार करियर के दौरान कुल 64 टेस्ट मैच खेले, जिनमें उन्होंने 22.71 के औसत और कुल 229 विकेट अपने नाम किए। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का ऐतिहासिक कारनामा भी अंजाम दिया।

स्विंग और सीम के जादूगर का शानदार गेंदबाजी सफर

नई और पुरानी दोनों ही गेंदों से स्विंग हासिल करने की अद्भुत कला, अचूक सीम पोजीशन और घातक रिवर्स स्विंग कराने में पूर्ण रूप से माहिर शमी ने दुनिया भर के सबसे मुश्किल और चुनौतीपूर्ण विदेशी मैदानों पर अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया है। ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से लेकर दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग की पटरियों तक उन्होंने अपनी रफ्तार और कौशल से कई अविस्मरणीय स्पेल डाले। उनके संपूर्ण टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ के मैदान पर आया था, जहां उन्होंने मात्र 56 रन खर्च करके 6 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया था। उनके करियर के पांच सबसे बेहतरीन और यादगार गेंदबाजी प्रदर्शनों में सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 44 रन देकर 5 विकेट झटकना शामिल है, जहां उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 200 विकेट भी पूरे किए थे और भारत ने वह मैच 113 रन से जीतकर इतिहास रचा था। इसी प्रकार विशाखापत्तनम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 35 रन देकर 5 विकेट लेते हुए उन्होंने पांचवें दिन की सपाट पिच पर मैच का रुख मोड़ा था।

ऐतिहासिक स्पेल और विदेशों में भारत की विजय गाथा

शमी के करियर के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में जनवरी 2018 का जोहानिसबर्ग टेस्ट भी शुमार है, जहां वांडरर्स की बेहद चुनौतीपूर्ण पिच पर 241 रन के लक्ष्य का बचाव करते हुए उन्होंने मात्र 28 रन देकर 5 विकेट झटके और भारत को 63 रन से ऐतिहासिक जीत दिलाई थी। इसके अलावा नवंबर 2013 में कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट पदार्पण मुकाबले में ही उन्होंने कुल 9 विकेट चटकाकर अपनी पहली ही सीरीज में अमिट छाप छोड़ दी थी। उन्होंने पहली पारी में 71 रन देकर 4 और दूसरी पारी में 47 रन देकर 5 विकेट लेते हुए मैच में कुल 118 रन देकर 9 शिकार किए थे, जिसके बल पर भारत ने वह मुकाबला पारी और 51 रनों से अपने नाम किया था। पर्थ की उछाल भरी पिच पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 56 रन देकर 6 विकेट लेना उनके करियर का सर्वोच्च प्रदर्शन रहा, जहां उन्होंने उस्मान ख्वाजा, टिम पेन और आरोन फिंच जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई थी।

अद्वितीय आंकड़े और शमी की विरासत

वर्ष 2013 में वेस्टइंडीज के विरुद्ध अपने टेस्ट करियर का आगाज करने वाले मोहम्मद शमी ने कुल 64 टेस्ट मुकाबलों में शिरकत करते हुए 229 विकेट अपनी झोली में डाले। इस दौरान उनका गेंदबाजी औसत 27.71 तथा इकोनॉमी रेट 3.31 का रहा। हालांकि उनका यह शानदार सफर बीच-बीच में गंभीर चोटों और शारीरिक बाधाओं से भी प्रभावित रहा, किंतु जब भी वे भारतीय जर्सी पहनकर मैदान पर उतरे, उन्होंने अपनी शत-प्रतिशत ऊर्जा के साथ टीम के लिए अमूल्य योगदान दिया। पर्थ की सीम लेती पिचों पर छह विकेटों का कमाल हो या जोहानिसबर्ग की कठिन परिस्थितियों में झटके गए पांच विकेट, उनके ये तमाम जादुई प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे स्वर्णिम और यादगार उपलब्धियों में हमेशा के लिए अमर रहेंगे।

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