श्रीलंका क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के लिए फिटनेस टेस्ट अनिवार्य

श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने स्पष्ट किया है कि अगर खिलाड़ी फ्रेंचाइजी लीग में खेलना चाहते हैं तो उन्हें फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, फिटनेस टेस्ट के बाद ही खिलाड़ियों को इन लीग में खेलने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया जाएगा। इसका सीधा असर आईपीएल पर पड़ेगा जहां वानिंदु हसरंगा (लखनऊ सुपर जाएंट्स), नुवान तुषारा (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु), मथीशा पथिराना (कोलकाता नाइट राइडर्स) और ईशान मलिंगा (सनराइजर्स हैदराबाद) जैसे खिलाड़ी अगले कुछ हफ्तों में पहुंचने वाले हैं। 

हसरंगा-मलिंगा और पथिराना को लेकर क्या बोला एसएलसी?

दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने वाले दुश्मंता चमीरा, पथुम निसांका और सनराइजर्स हैदराहाद के कामिंदु मेंडिस ने फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है और उन्हें आईपीएल में खेलने की अनुमति मिल गई है। एसएलसी ने बयान में कहा, 'आईपीएल में खेलने के लिए नुवान तुषारा को एनओसी मिलने की पात्रता उनके फिटनेस टेस्ट के नतीजे पर निर्भर करेगी। वानिंदु हसरंगा, ईशान मलिंगा और मथीशा पथिराना ने आईपीएल 2026 में भाग लेने के लिए एनओसी का अनुरोध किया है। ये खिलाड़ी हालांकि अभी तक फिटनेस टेस्ट से नहीं गुजरे हैं क्योंकि वे अभी भी चोटों से उबरने के लिए रिहैब प्रक्रिया में हैं।' इन तीनों खिलाड़ियों को टी20 विश्व कप से पहले या उसके दौरान चोट लगी थी। आईपीएल 2026 का सीजन 28 मार्च से शुरू हो रहा है। 

क्यों फिटनेस टेस्ट पर दिया जा रहा ध्यान

  • पथिराना आईपीएल सीजन के शुरुआती मैचों में नहीं खेल पाएंगे और उनके अप्रैल के मध्य से ही उपलब्ध होने की उम्मीद है। 
  • फिटनेस पर इस नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने का कारण प्रमोदया विक्रमसिंघे की अध्यक्षता वाली नई राष्ट्रीय पुरुष चयन समिति और श्रीलंका का खेल मंत्रालय बताया जा रहा है। 
  • श्रीलंका को कम से कम मई के अंत तक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेलना है, इसलिए इस अवधि को राष्ट्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण सत्र के रूप में चुना गया है जिससे वे अपनी फिटनेस का स्तर बढ़ा सकें।  

श्रीलंका क्रिकेट ने कहा, वर्तमान में एसएलसी राष्ट्रीय स्तर पर अनुबंधित सभी खिलाड़ियों के लिए आठ सप्ताह का विशेष शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है। इस पहल का उद्देश्य आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की तैयारी के लिए खिलाड़ियों के शारीरिक प्रदर्शन स्तर को बेहतर बनाना है। इस कार्यक्रम के साथ-साथ, खिलाड़ी अनिवार्य शारीरिक प्रदर्शन परीक्षण भी करवा रहे हैं जो खिलाड़ियों की फिटनेस की जांच के लिए अपनाई जाने वाली एक नियमित प्रक्रिया है।

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