नई दिल्ली: आईपीएल की सफल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव का दौर शुरू हो गया है। हाल ही में लंबे समय तक टीम के मुख्य कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग को इस पद से हटाए जाने के बाद, अब एक और दिग्गज कोच का झुकाव फ्रेंचाइजी छोड़ने की तरफ दिख रहा है। चेन्नई के साथ लंबे समय से जुड़े रहे पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज और टीम के बल्लेबाजी कोच माइक हसी भी अब इस फ्रेंचाइजी का साथ छोड़कर फ्लेमिंग के साथ नई पारी शुरू करने के संकेत दे रहे हैं।
'मैं इस प्रस्ताव को ना नहीं कहूंगा'
इंग्लैंड की टेस्ट टीम का मुख्य कोच बनने के बाद स्टीफन फ्लेमिंग ने इच्छा जताई थी कि वह अपनी कोचिंग टीम में माइक हसी को बतौर बल्लेबाजी कोच देखना चाहते हैं। जब इस बारे में माइक हसी से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उन्हें यह जिम्मेदारी मिलती है, तो वह इसे अस्वीकार नहीं करेंगे।
फॉक्स स्पोर्ट्स से बातचीत करते हुए हसी ने कहा, "इस मामले में कई अलग-अलग पहलुओं पर विचार करने की जरूरत है, लेकिन अगर आप मुझसे सीधे शब्दों में पूछें तो मेरा जवाब यही होगा कि मैं इस प्रस्ताव को ना नहीं कहूंगा। मुझे खेल का कोचिंग पहलू बेहद पसंद है और मैं खिलाड़ियों की क्षमता को निखारने में उनकी मदद करना चाहता हूँ—चाहे वे खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के हों, इंग्लैंड के, दक्षिण अफ्रीका के, पाकिस्तान के या फिर भारत के। इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।"
इंग्लैंड टीम के साथ पुराना अनुभव
यह पहली बार नहीं है जब माइक हसी किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ जुड़ने की बात कर रहे हैं। इससे पहले भी वह इंग्लैंड की टीम के साथ अपनी सेवाएं दे चुके हैं और साल 2022 में इंग्लैंड को टी20 विश्व कप (T20 World Cup) का खिताब जिताने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, यदि वह अब इंग्लैंड की टेस्ट टीम के साथ जुड़ते हैं, तो आगामी एशेज (Ashes) सीरीज के दौरान उन्हें अपनी ही मातृभूमि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डगआउट में खड़ा होना पड़ेगा।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोचिंग पर क्या बोले हसी?
माइक हसी ने इस बात को स्वीकार किया कि एशेज जैसी प्रतिष्ठित सीरीज में अपनी ही राष्ट्रीय टीम के खिलाफ इंग्लैंड को कोचिंग देना उनके लिए थोड़ा अजीब अनुभव होगा। उन्होंने कहा, "निसंदेह यह थोड़ा असहज करने वाला जरूर होगा, लेकिन एक पेशेवर कोच के तौर पर जो आपकी जिम्मेदारी है, आपको वह पूरी ईमानदारी से निभानी होती है। मैं इस स्थिति को इस रूप में नहीं देखता कि मैं किसी देश के खिलाफ कोचिंग कर रहा हूँ, बल्कि मैं इसे ऐसे देखता हूँ कि मैं एक विशेष टीम और उसके खिलाड़ियों के साथ मिलकर काम कर रहा हूँ।"

