Saturday, February 24, 2024

Sakshi Malik: निलंबित WFI चीफ पर फर्जी चैंपियनशिप आयोजित के मलिक के आरोप के बाद खेल मंत्रालय ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

ओलंपिक पहलवान साक्षी मलिक ने मंगलवार फिर बृजभूषण और उसके सहयोगी संजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खाला है. साक्षी मलिका ने आरोप लगाया है कि महासंघ के निलंबित प्रमुख संजय सिंह चैंपियनशिप आयोजित कर फर्जी प्रमाणपत्र बांट रहे हैं.

निलंबित सदस्य डब्ल्यूएफआई के फंड का दुरुपयोग कैसे कर सकता है

आपको याद दिला दें, भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के चुनाव में बृजभूषण सिंह के करीबी संजय सिंह की जीत के बाद साक्षी मलिक ने खेल से सन्यास लेने का एलान किया. साक्षी के साथ ही पहलवान बजरंग पुनिया ने भी अपना पद्मश्री सम्मान वापस कर दिया था. जिसके बाद केंद्र सरकार ने कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) पैनल को निलंबित कर दिया था. साक्षी इस फैसले के एक महीने बाद ही फिर मोर्चा खोला है. उन्होंने एक सेटिफिकेट की फोटो के साथ पोस्ट लिख सरकार से अपील की है कि वो निलंबित अध्यक्ष संजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई करें.

साक्षी मलिक ने अपने पोस्ट में क्या लिखा

साक्षी मलिक ने अपने पोस्ट में लिखा, “भारत सरकार ने बृजभूषण के साथी संजय सिंह की गतिविधियों को सस्पेंड कर दिया था उसके बावजूद संजय सिंह अपनी मनमर्ज़ी चला नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप करवा रहा है और खिलाड़ियों को फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट बाँट रहा है जोकि ग़ैर क़ानूनी है. खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित रेसलिंग नेशनल चैंपियनशिप जयपुर में आयोजित किए जाने हैं, लेकिन उससे पहले ही कुश्ती पर अपना दबदबा साबित करने के लिए संजय सिंह ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से अलग नेशनल चैंपियनशिप के सर्टिफिकेट दस्तख़त कर बाँट रहा है. संस्था का सस्पेंडेड आदमी कैसे संस्था के पैसे का दुरुपयोग कर सकता है. कल जब खिलाड़ी इन सर्टिफिकेट को लेकर नौकरी माँगने जाएँगे तो कार्यवाही ग़रीब खिलाड़ियों पर होगी. जबकि खिलाड़ियों की कोई गलती नहीं है. कार्रवाही तो ऐसा फ्रॉड करने वाले संजय सिंह पर अभी से होनी चाहिए जिसकी गतिविधियों पर रोक लगाये जाने के बावजूद यह सब फ़र्ज़ीवाडा कर रहा है. मैं खेलमंत्री श्री अनुराग ठाकुर जी अपील करती हूँ कि आप इस मसले को देखें और खिलाड़ियों का भविष्य ख़राब होने से बचाएँ”

खेल मंत्रालय ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

साक्षी मलिक के आरोपों के बाद खेल मंत्रालय संजय सिंह को पत्र लिख कहा, ”डब्ल्यूएफआई की वर्तमान में निलंबित कार्यकारी समिति की मान्यता और पुणे में आपके द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं के बारे में आपके द्वारा कुछ दावे किए जा रहे हैं, जो हैं फिर से बिल्कुल निराधार और शरारत पूर्ण हैं.”
असल में समाचार एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक संजय सिंह ने 29 से 31 जनवरी कर पुणे में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप के आयोजन का एलान किया था और बताया था कि इसमें लगभग 700 पहलवानों शामिल होंगे. इसी खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए खेल मंत्रालय ने संजय सिंह के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई की कड़ी चेतावनी जारी की. इसके साथ ही सरकार ने डब्ल्यूएफआई की सरकार की मान्यता के संबंध में सिंह के हालिया “निराधार और शरारती” दावों के जवाब में कहा, डब्ल्यूएफआई द्वारा आयोजित कोई भी टूर्नामेंट “अस्वीकृत” माना जाएगा.

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