चंडीगढ़। वैश्विक ऊर्जा संकट और ईरान संघर्ष के असर से घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल आया है। आज पेट्रोल के दामों में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 10 दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी है, जिससे आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ गया है। इस ताजा वृद्धि के बाद चंडीगढ़ में पेट्रोल 98.12 रुपये और डीजल 86.12 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं पंजाब के लुधियाना में पेट्रोल 103.03 रुपये और अमृतसर में 102.12 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
बढ़ती महंगाई से आम जनता बेहाल, घरेलू बजट बिगड़ने का डर
लगातार महंगी होती तेल की कीमतों से नागरिकों में खासा असंतोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च पहले से ही बढ़े हुए हैं और अब पेट्रोल-डीजल की मार से आवागमन और महंगा हो गया है। इस बढ़ोतरी का सबसे सीधा और बुरा असर नौकरीपेशा वर्ग, ऑटो चालकों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि मालभाड़ा बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में फल, सब्जियां, दूध और अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।
विपक्ष हमलावर; मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर केंद्र को घेरा
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी सरगर्मी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने इस मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि पिछले दस दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम करीब 5 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर अपनी नाकामियों को छिपाने और सोशल मीडिया के जरिए जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए मांग की कि प्रधानमंत्री को देश के आर्थिक हालात सुधारने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।
पंजाब के पेट्रोल पंपों पर गहराया स्टॉक का संकट; कंपनियों से नहीं मिल रही सप्लाई
कीमतों में बढ़ोतरी के बीच पंजाब में एक और बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। राज्य के पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म होने का खतरा मंडराने लगा है। पंजाब पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अशोक कुमार थापर ने बताया कि तेल कंपनियां मांग के अनुरूप पेट्रोल और डीजल की उचित सप्लाई नहीं दे रही हैं, जिससे डीलरों का पुराना स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। एसोसिएशन ने इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर तेल कंपनियों को तुरंत उचित दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
खरीफ सीजन के मुहाने पर बढ़ी चिंता, प्रशासन के आदेशों की पालना मुश्किल
राज्य में खरीफ फसलों का सीजन शुरू होने वाला है, जिसके कारण ग्रामीण इलाकों और किसानों के बीच डीजल की मांग बेहद बढ़ जाती है। ऐसे समय में तेल की किल्लत होना चिंता का विषय बन गया है। हालांकि, सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों (कलेक्टर्स) ने पेट्रोल पंपों को आपात स्थिति के लिए कम से कम 1000 लीटर पेट्रोल और 2000 लीटर डीजल का रिजर्व स्टॉक बनाए रखने के आदेश दिए हैं, लेकिन पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि जब पीछे से सप्लाई ही नहीं आ रही है, तो ऐसे में इन सरकारी आदेशों का पालन करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।

