कल शाम भारत सरकार द्वारा पद्मश्री और पद्म विभूषण पुरस्कार का एलान किया गया. जिसमें आदिवासी गुड़िया बनाने की कला को संरक्षित करने एंव प्रचार-प्रसार करने के लिए मध्यप्रदेश के झाबुआ के रहने वाले रमेश परमार और उनकी पत्नी शांति बाई परमार को संयुक्त रूप से पद्मश्री पुरस्कार की घोषणा की गयी.
रमेश परमार और उनकी पत्नी शांति बाई परमार झाबुआ में करीब 30 साल से आदिवासी गुड़िया बनाकर उस कला को संरक्षित करने वाले परमार दंपति ने आदिवासी गुड़िया बनाने की कला को ही अपने रोजगार का माध्यम बना लिया है. दोनों पति पत्नी दिन भर में गुड़िया बनाने का कार्य करते ही तथा देश – प्रदेश में लगनी वाली कला प्रदर्शनियों में भी इन गुड़ियाओं को प्रदर्शित करते रहे हैं.
इस दंपति को पद्मश्री मिलने की सुचना के बाद आज सुबह झाबुआ मै गणतंत्र दिवस समारोह में उन्हें बुलाकर जिला प्रशासन ने सम्मानित भी किया और क्षेत्रिय सांसद गुमान सिंह डामोर ने भी उनके आवास पर पहुंचकर बधाई दी.

