रिश्तों का कत्ल: शिमलापुरी में बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या की गुत्थी सुलझी, कर्ज से परेशान भतीजे ने ही रची थी खौफनाक साजिश

लुधियाना | पंजाब के लुधियाना स्थित शिमलापुरी जनता नगर में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की गुत्थी को स्थानीय पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। कर्ज के दलदल में फंसे एक सगे भतीजे ने ही चंद रुपयों और जेवरात की खातिर अपने बुजुर्ग बुआ-फूफा को मौत के घाट उतारा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 34 वर्षीय मुख्य आरोपी प्रदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त किया गया लोहे का भारी-भरकम बैरिंग भी बरामद कर लिया है।

तंगहाली और लालच ने भतीजे को बनाया कसाई

पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, न्यू अंगद कॉलोनी का रहने वाला आरोपी प्रदीप सिंह काफी समय से कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। उसका काम-धंधा पूरी तरह ठप था और उसकी कार भी गिरवी रखी हुई थी। वह अक्सर अपनी दूर की बुआ हरमीत कौर के घर आर्थिक मदद के लिए आता-जाता रहता था। 28 मई की शाम जब वह अपनी बुआ के घर पहुंचा और पैसों की मांग की, तो पहले बुआ ने असमर्थता जताई लेकिन बाद में उसे 1,000 रुपये दे दिए। इसी दौरान प्रदीप की नजर अलमारी में रखे पैसों पर पड़ गई और उसे देखते ही उसकी नीयत डोल गई।

लोहे के बैरिंग से किया हमला, गहने नोचकर हुआ फरार

आरोपी प्रदीप भली-भांति जानता था कि उसकी बुआ हरमीत कौर और फूफा कुलदीप सिंह घर में बिल्कुल अकेले रहते हैं, क्योंकि उनकी पांचों बेटियां विदेश (कनाडा/अमेरिका) में सैटल हैं। पैसों को लूटने की नीयत से तैश में आकर प्रदीप ने पास ही पड़े लोहे के एक बैरिंग को उठाया और दोनों बुजुर्गों के सिर पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। हमला इतना अचानक और जोरदार था कि बुजुर्ग दंपती को संभलने का मौका तक नहीं मिला और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने अलमारी से 60 हजार रुपये कैश समेटी और मृतका के कानों से सोने की बालियां और हाथों के कड़े नोच लिए। वारदात को सामान्य चोरी का रूप देने के लिए उसने दोनों के मोबाइल फोन वहीं छोड़ दिए और पिछले दरवाजे से फरार हो गया।

48 घंटे बाद खुला राज, पुलिस की मुस्तैदी से दबोचा गया कातिल

यह खौफनाक हत्याकांड 28 मई की शाम को अंजाम दिया गया था, लेकिन घर बंद होने के कारण 30 मई की सुबह तक किसी को भनक भी नहीं लगी। जब विदेश से बेटियों ने फोन किया और माता-पिता ने कॉल रिसीव नहीं की, तब रिश्तेदारों को घर भेजा गया। वहां दोनों के लहूलुहान शव देखकर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन किया और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपी प्रदीप को धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी की निशानदेही पर लूटी गई नकदी और सोने के गहने बरामद करने की कोशिशों में जुटी हुई है।

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