चंडीगढ़: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के विरोध में पंजाब की लवली प्राेफेशनल यूनिवर्सिटी ने बड़ा फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी ने कैंपस में अमेरिकी ड्रिंक्स पर पाबंदी लगा दी है। इस फैसला का ऐलान खुद यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति और राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने की है। उन्होंने कहा है कि यूनिवर्सिटी और तमाम छात्रों ने 15 अगस्त को यह निर्णय लिया था कि अगर अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 27 अगस्त से टैरिफ लगाते हैं तो लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में अमेरिकी ड्रिंक्स को बैन किया जाएगा। मित्तल ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में इसका ऐलान किया। उन्होंने इससे जुड़ा वीडियो अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है। एलपीयू में 40 हजार से अधिक स्टूडेंट हैं। ये देश की सबसे बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी है।
ट्रंप प्रशासन दोहरी नीति और दबाव बनाने की राजनीति की राजनीति कर रहा है। अमेरिका और उसके यूरोपीय साथी आज भी रूस से तेल खरीद रहे हैं, लेकिन भारत को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे रहा है।
डॉ. अशोक कुमार मित्तल, राज्यसभा सांसद, एलपीयू के संस्थापक
मोदी ने की थी स्वदेशी की अपील
गौरतलब हो कि भारत और अमेरिकी के बीच टैरिफ वॉर से संबंधों में तनाव आया है। पीएम मोदी ने गुजरात दौरे में लोगों से अपील की थी कि वे फेस्टिवल से पर भारत में बनी हुई चीजें ही खरीदें। उपहार भी भारतीय ही खरीदें। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में अमेरिकन ड्रिंक्स पर बैन का ऐलान करके बड़ी लकीर खींच दी है, हालांकि उन्होंने से यूनिवर्सिटी का सर्वसम्मति से लिया गया फैसला बताया है। डॉ. मित्तल ने 1905 के स्वदेशी आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाल गंगाधर तिलक ने गणेश चतुर्थी के मौके को स्वदेशी से जोड़ दिया था।
क्या बोले आप के सांसद?
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल के अनुसार ऐसा करने से लोगों का रुझान स्वदेशी की तरफ बढ़ेगी। भारत के रूस से तेल खरीदने और अमेरिका के मनमुताबिक ट्रेड डील नहीं करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। देश में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने टैरिफ के खिलाफ विरोध में यह निर्णय लिया है। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी पंजाब के फगवाड़ा में स्थित है। यह एक निजी यूनिवर्सिटी है लेकिन यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक गुणवत्ता रखते हुए अपनी काफी अच्छी साख निजी यूनिवर्सिटी में बनाई है।