Thursday, February 22, 2024

उत्तर प्रदेश हुआ दंगा मुक्त

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के लिए बडी राहत की ख़बर है.लगातार विपक्ष की आलोचनी झेल रही योगी सरकार को भारत सरकार की तरफ से क्लीन चिट मिल गया है. NCRB के आंकड़ों में यूपी को दंगा मुक्त दिखाया गया है. दंगे के अलावा भी अपराध में कमी दर्ज की गई है.

NCRB के ताजे आंकड़ों में उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के ख़िलाफ़ अपराधों में कमी आई है. 2019 में UP में बच्चों के ख़िलाफ़ 18943 मामले दर्ज हुए थे जो 2021 में घटकर 16838 हो गए. बाल अपराधों में 11.11 फ़ीसदी की कमी आई है. 2019 में UP में महिलाओं के ख़िलाफ़ 59853 मामले दर्ज़ हुए थे जो 2021 में घटकर 56083 हो गए. इतना ही नहीं 2019 की तुलना में 2021 में महिला अपराधों में 6.2 फ़ीसदी की कमी आई. साइबर क्राइम के मामले भी 2021 में घटकर 8829 हो गए. साइबर क्राइम के मामलों मे 22.6 फ़ीसदी की कमी आई है. UP में सांप्रदायिक सौहार्द बना हुआ है.  NCRB की रिपोर्ट की माने तो 2021 में केवल एक सांप्रदायिक हिंसा की घटना हुई जबकि 2019 और 2020 में एक भी सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई. जबकि अन्य राज्यो में साप्रदायिक हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं. झारखंड में 100, बिहार-51, राजस्थान-22, महाराष्ट्र-77, और हरियाणा में 40 घटनाएं दर्ज़ की गई. यानी देश में 2021 में कुल 378 सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं दर्ज़ हुईं.
NCRB के इस आंकड़े के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जोरदार हमला किया है. अखिलेश यादव का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार सबसे बड़ी झूठी है क्यूंकि आज ही अखबार में देखा गया की महिला अपराध में यूपी सबसे ऊपर है, कस्टोडियल डेथ में यूपी सबसे ऊपर है. अगर आप पुलिस से न्याय मांगने जाएं तो पुलिस आपसे पैसा लेती है और अगर कोई महिला जाती है तो थाने पर उसकी इज्जत से खिलवाड़ होता है.

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