Sunday, May 26, 2024

PFI पर NIA और ED का Mega एक्शन,15 राज्यों में 93 छापे,45 गिरफ्तार

दिल्ली समेत देश भर में टेरर फंडिंग को लेकर बड़ी कार्रवाई हो रही है. पीएफआई के ठिकानों पर NIA और ईडी  ने छापेमारी की है. खबर ये भी है कि जांच एजेंसियों ने पीएफआई के अध्यक्ष परवेज, उनके भाई और पीएफआई के राष्ट्रीय सचिव वीपी नजरुद्दीन को गिरफ्तार किया है. जानकारी के मुताबिक तीनों को एनआईए की टीम अपने साथ ले गई है.  आपको बता दें NIA और ईडी ने देश के 15 राज्यों में 93 जगहों पर छापेमारी की है. केरल में 39,तमिलनाडु में 16,कर्नाटक में 12,आंध्र प्रदेश में 7,तेलंगाना में 1,उत्तर प्रदेश में 2 ,राजस्थान में 4,दिल्ली में 2,असम में 1,मध्य प्रदेश में 1,महाराष्ट्र में 4,गोवा में 1,पश्चिम बंगाल में 1,बिहार में 1 और मणिपुर में 1 जगह पर छापेमारी की गई.आतंकवाद के खिलाफ मुहीम के तहत नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. इस दौरान 106 से ज्यादा कैडर को हिरासत में लिया गया था जिनमें से 45 को गिरफ्तार किया गया है. इस कार्रवाई के बाद कर्नाटक, केरल में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध किया है.

दक्षिण भारत में NIA की सबसे बड़ी छापेमारी
NIA के अधिकारियों का कहना है कि टेरर फंडिंग के खिलाफ ये अबतक का सबसे बड़ा अभियान है. जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि उन्होंने अबतक कथित तौर पर आतंकियों का समर्थन करने के आरोप में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के 100 से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था जिनमें से 45 को गिरफ्तार कर लिया गया है.
एनआईए और ईडी की ये कार्रवाई मुख्यता दक्षिण भारत में हो रही है. इस अभियान के तहत NIA ने हैदराबाद के चंद्रयानगुट्टा में PFI के मुख्यालय को सील कर दिया. एक दर्ज मामले पर कार्रवाई करते हुए NIA, ED, पैरामिलिट्री ने स्थानीय पुलिस की मदद से इस कार्यलय को सील किया है.
इसी तरह तमिलनाडु में भी NIA ने मदुरै और डिंडीगुल जिलें में कार्रवाई की है. मदुरै के एनआईए ने 8 जगह छापे मारे है. जिन इलाकों में छापे मारे गए वह हैं, विलापुरम, गोमथिपुरम, गोरीपालयम, कुलमंगलम. वहीं डिंडीगुल ज़िले में NIA की छापेमारी के खिलाफ PFI के के सदस्य अपने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया.
कर्नाटक के मंगलुरु में भी NIA ने छापे मारे . यहां PFI और SDPI के कार्यकर्ता छापों के खिलाफ प्रदर्शन भी किया .
केरल के मलप्पुरम और तिरुवनंतपुरम में NIA और ED ने छापे मारे है. मलप्पुरम जिले में PFI अध्यक्ष OMA सलाम के घर , मंजेरी में और PFI कार्यालयों पर देर रात से छापे मार रही है. जांच एजेंसियों को यहां PFI कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन का भी सामना करना पड़ा.

महाराष्ट्र, बिहार, असम और मध्य प्रदेश में भी PFI के खिलाफ कार्रवाई
दक्षिण भारत के अलावा बिहार में भी एनआईए ने छापे मारे . बिहार के पूर्णिया जिले में NIA ने PFI के कार्यालय की तलाशी ली. इसके अलावा असम में भी PFI से जुड़ी जगहों पर NIA छापा मारा. मध्य प्रदेश में भी NIA ने छापे मारे. यहां इंदौर और उज्जैन में पीएफआई स्थानीय नेताओं को हिरासत में लिया गया है. जानकारी के मुताबिक इनके ठिकानों से टेरर फंडिंग से जुड़े दस्तावेज और साहित्य मिला है.
महाराष्ट्र में भी PFI के खिलाफ कार्रवाई हुई. यहां एनआईए की जगह एटीएस रेड डाल रही है. महाराष्ट्र एटीएस औरंगाबाद, बीड़, परभणी पर्व, मालेगांव, मुंबई और नवी मुंबई में रेड किया. एटीएस ने पीएफआई के खिलाफ 4 मामले भी दर्ज किए है. यहां एटीएस ने 20 लोगों को हिरासत में लिया. जिसमें मालेगांव से मौलाना सैफुर रहमान भी शामिल हैं. आपको बता दें PFI के नासिक जिले का अध्यक्ष है मौलाना सैफुर रहमान.

एनआईए की कार्रवाई की वजह क्या है?
एनआईए देशभर में पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. उसका आरोप है कि पीएफआई आतंकवादियों की कथित तौर पर मदद करती है. मदद में आतंकवदियों को धन मुहैया कराना, उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था करना और प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ने के लिए लोगों को बरगलाने शामिल है.

कहां कितनी हुई गिरफ्तारियां?
एनआईए की कार्रवाई में 45 पीएफआई के नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई है. जांच एजेंसी के मुताबिक उसने आंध्र प्रदेश से 4,तेलंगाना से 1,केरल से 19,कर्नाटक से 7, तमिलनाडु  11,उत्तर प्रदेश से 1,राजस्थान से 2 गिरफ्तारियां की हैं.

पीएफआई ने कार्रवाई को विरोध की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया है
देशभर में छापेमारी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पीएफआई ने कहा है “हम विरोध की आवाज को दबाने के लिए फासीवादी शासन द्वारा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किए जाने का कड़ा विरोध करते हैं.” एक बयान जारी कर पीएफआई ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया है.
आपको बता दें इससे पहले रविवार को भी NIA ने आंध्र प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रेड की थी. उस दौरान PFI सदस्यों को पूछताछ के लिए ले जाया गया था. जांच एजेंसी ने हिंसा भड़काने और गैर कानूनी गतिविधियों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की थी. उस दौरान NIA अधिकारियों की 23 टीमों में निजामाबाद, कुर्नूल, गुंटूर और नेल्लोर जिले में करीब 38 ठिकानों तलाशी ली थी.

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