नई दिल्ली: मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। अब तक 28 दिनों की वैधता (वैलिडिटी) वाले रीचार्ज पैक्स के कारण ग्राहकों को सालभर में 13 बार रीचार्ज कराना पड़ता था, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। लेकिन भारतीय टेलीकॉम नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नए संशोधनों से इस गणित में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
ट्राई का नया संशोधन नियम 2026
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने ‘टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026’ को लागू कर दिया है। इस नए और आधुनिक ढांचे के तहत टेलीकॉम कंपनियों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे ग्राहकों को केवल वॉइस और एसएमएस (Voice and SMS) वाले विशेष टैरिफ वाउचर (STVs) अधिक संख्या में और किफायती दरों पर उपलब्ध कराएं।
नए नियमों से उपभोक्ताओं को मिलने वाले मुख्य लाभ
30 दिन और मासिक रिन्यूअल विकल्प: नए नियमों के अनुसार, अब टेलीकॉम कंपनियों को ऐसे वाउचर भी पेश करने होंगे जिनकी वैधता 30 दिन या उससे कम हो, साथ ही जिन्हें हर महीने की एक निश्चित तारीख पर आसानी से रिन्यू किया जा सके।
बिना डेटा वाले सस्ते प्लान: जो उपभोक्ता इंटरनेट या मोबाइल डेटा का इस्तेमाल नहीं करते और केवल कॉलिंग या मैसेजिंग के लिए फोन का उपयोग करते हैं (जैसे वरिष्ठ नागरिक या कम बजट वाले यूजर्स), उनके लिए यह संशोधन बेहद फायदेमंद साबित होगा। अब उन्हें महंगे डेटा बंडल वाले रीचार्ज खरीदने की बाध्यता से मुक्ति मिलेगी।
अतिरिक्त रीचार्ज से राहत: 28 दिन के पुराने साइकिल के चलते साल में 13 बार रीचार्ज कराने की मजबूरी से अब उपभोक्ताओं को राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे वे साल भर में सीमित और तार्किक बार रीचार्ज कर सकेंगे।
TRAI के इस सख्त और उपभोक्ता-अनुकूल कदम से उम्मीद की जा रही है कि देश के करोड़ों प्रीपेड मोबाइल ग्राहकों को अधिक पारदर्शिता, बेहतर विकल्प और उनके बजट के अनुकूल योजनाएं मिल सकेंगी।

